देश की खबरें | दिल्ली के भलस्वा लैंडफिल पर आग बुझाने का काम तीसरे दिन भी जारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तरी दिल्ली में भलस्वा लैंडफिल साइट पर बृहस्पतिवार को लगातार तीसरे दिन भी आग बुझाने के लिए दमकलकर्मियों के प्रयास जारी रहे। अधिकारियों का कहना है कि आग पर पूरी तरह से काबू पाने में कम से कम एक दिन का समय और लगेगा। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में आग पर काबू पाने के लिए दमकल की चार गाड़ियां काम कर रही हैं।
नयी दिल्ली, 28 अप्रैल उत्तरी दिल्ली में भलस्वा लैंडफिल साइट पर बृहस्पतिवार को लगातार तीसरे दिन भी आग बुझाने के लिए दमकलकर्मियों के प्रयास जारी रहे। अधिकारियों का कहना है कि आग पर पूरी तरह से काबू पाने में कम से कम एक दिन का समय और लगेगा। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में आग पर काबू पाने के लिए दमकल की चार गाड़ियां काम कर रही हैं।
गौरतलब है कि भलस्वा लैंडफिल साइट पर मंगलवार शाम को भयानक आग लग गई। कई वीडियो में घने धुएं से आसमान का रंग काला पड़ता देखा जा सकता है। आसपास के निवासियों ने बुधवार शाम को कहा कि घने धुएं के कारण उन्हें बेहद तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।
एक दमकल अधिकारी ने कहा, ''मौजूदा समय में दमकल की चार गाड़ियां मौके पर काम कर रही हैं। आग पर काबू पाने में कम से कम एक दिन और लगेगा। हमारी टीमें इसे बुझाने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही हैं।''
अधिकारी ने बताया कि, ''निवासियों ने गले में खराश, आंखों में खुजली और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत शुरू कर दी है।''
आग लगने के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि तापमान बढ़ने से कूड़े के ढेर में मीथेन गैस बनती है जो अत्यधिक ज्वलनशील होती है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को राजधानी में स्थित लैंडफिल साइट पर आग लगने की घटनाओं के लिए नगर निगम में ''भ्रष्टाचार'' को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा शासित नगर निकायों को कचरे के पहाड़ों को साफ करने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल करना चाहिए था।
भलस्वा लैंडफिल साइट के पास कूड़ा बीनने वालों के बच्चों के लिए बाल संसाधन केंद्र ज्ञान सरोवर स्कूल को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है क्योंकि क्षेत्र में घने धुएं का गुबार फैला है।
बता दें कि इस साल पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर लैंडफिल साइट पर आग लगने की तीन घटनाएं हुई हैं, जिसमें 28 मार्च की एक घटना भी शामिल है, जिसे बुझाने में 50 घंटे से अधिक समय लग गया था।
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