देश की खबरें | केजरीवाल की सिंगापुर यात्रा की फाइल 7 जून से उपराज्यपाल के पास अटकी हुई है : सूत्रों का दावा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली सरकार की कई महत्वपूर्ण फाइलों को उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने अभी तक मंजूरी नहीं दी है जिनमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जुलाई में शहरों से जुड़े विश्व शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए निर्धारित सिंगापुर यात्रा से संबंधित फाइल भी शामिल है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह दावा किया।

नयी दिल्ली, 24 जून दिल्ली सरकार की कई महत्वपूर्ण फाइलों को उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने अभी तक मंजूरी नहीं दी है जिनमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जुलाई में शहरों से जुड़े विश्व शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए निर्धारित सिंगापुर यात्रा से संबंधित फाइल भी शामिल है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह दावा किया।

इससे उपराज्यपाल कार्यालय और अरविंद केजरीवाल सरकार के बीच नए सिरे से गतिरोध पैदा होने का अनुमान है। इस संबंध में उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

पिछले दिनों, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सक्सेना पर आरोप लगाया था कि वह भारतीय जनता पार्टी का पक्ष लेने के लिए “कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।” उन्होंने यह आरोप तब लगाया था जब उपराज्यपाल ने कोविड महामारी के दौरान यहां सात अस्थायी अस्पतालों के निर्माण में अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए भ्रष्टाचार रोधी शाखा को मंजूरी दे दी थी।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा संबंधी फाइल सात जून से मंजूरी के लिए उपराज्यपाल कार्यालय में लंबित है। उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार की कई महत्वपूर्ण फाइलों को अभी तक उपराज्यपाल से मंजूरी नहीं मिली है, जिनमें मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा से जुड़ी फाइल भी शामिल है। फाइल सात जून से उपराज्यपाल के पास है। केजरीवाल को सिंगापुर में विश्व नगर सम्मेलन में भाग लेना है।’’

उन्होंने दावा किया कि कई छोटे मुद्दों की फाइलें भी उपराज्यपाल कार्यालय में अटकी हुई हैं। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि यह दिल्ली में शासन को प्रभावित कर सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि ‘प्रोटोकॉल’ के मुताबिक मुख्यमंत्री समेत किसी भी मंत्री को आधिकारिक विदेश यात्राओं के लिए गृह मंत्रालय से मंजूरी लेनी होती है और मंजूरी के लिए फाइल उपराज्यपाल कार्यालय के जरिए गृह मंत्रालय को भेजी जाती है।

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