विदेश की खबरें | चरमपंथी घृणा फैलाने के लिए महामारी का इस्तेमाल करना चाहते थे: रिपोर्ट

रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 और इससे पैदा हुए आर्थिक संकट और सामाजिक अशांति ने ‘‘समाज में ध्रुवीकरण में योगदान दिया है, जिससे रवैया कठोर हो गया है और धमकी की स्वीकृति बढ़ रही है, जिसमें हिंसक कृत्य करने के लिए कॉल भी शामिल है।’’

यूरोपीय संघ के गृह मामलों की आयुक्त यल्वा जोहानसन ने कहा, ‘‘यूरोपीय संघ की आतंकवाद की स्थिति पर यूरोपोल की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार कोविड महामारी के वर्ष में ऑनलाइन कट्टरता का खतरा बढ़ गया है। यह बात दक्षिणपंथी आतंकवाद के लिए विशेष रूप से सही है।’’

उन्होंने मंगलवार को लिस्बन में अमेरिकी गृह मंत्री अलेजांद्रो मेयरकास के साथ एक बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की।

पिछले साल चरमपंथी हमलों में कुल 21 लोग मारे गए थे - जर्मनी में एक दक्षिणपंथी हमले में नौ और छह जिहादी हमलों में 12 लोग मारे गए थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकवादी हमलों में विस्फोटकों के इस्तेमाल में कमी आई है। ऐसा शायद इसलिए हुआ क्योंकि कोविड-19 लॉकडाउन में लोगों की भीड़ एकत्र होना बंद हो गई थी।

एपी

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