जरुरी जानकारी | सही निर्यातकों को जोखिम वाला बताने से निर्यात हो रहा प्रभावित : रिपोर्ट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सही निर्यातक को जोखिम वाली श्रेणी में डालने से देश का निर्यात प्रभावित होगा। बृहस्पतिवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा करने से पहले एक अंतर मंत्रालयी समिति को सभी पहलुओं पर विचार करने की जरूरत है। इस समिति में वित्त और वाणिज्य मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल हैं।

नयी दिल्ली, 10 अगस्त सही निर्यातक को जोखिम वाली श्रेणी में डालने से देश का निर्यात प्रभावित होगा। बृहस्पतिवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा करने से पहले एक अंतर मंत्रालयी समिति को सभी पहलुओं पर विचार करने की जरूरत है। इस समिति में वित्त और वाणिज्य मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल हैं।

निर्यातकों को सीमा शुल्क, जीएसटी (माल एवं सेवा कर), आयकर और डीजीएफटी (विदेश व्यापार महानिदेशालय) डेटा के आधार पर विशिष्ट जोखिम संकेतकों के आधार पर ‘जोखिम’ के रूप में चिह्नित किया जाता है।

पहचाने गए जोखिम वाले निर्यातकों की जानकारी भौतिक और वित्तीय सत्यापन के लिए केंद्रीय जीएसटी संरचनाओं के साथ साझा की जाती है।

आर्थिक शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईटीसी) ने ऐसे मामलों से निपटने के लिए प्रक्रियाओं की घोषणा की है, फिर भी किसी समयसीमा का पालन नहीं किया गया है।

इसमें कहा गया है कि लंबी सत्यापन प्रक्रिया और मुद्दे के हल होने से पहले अत्यधिक दस्तावेजीकरण जरूरतों के कारण वैध निर्यातकों को नुकसान उठाना पड़ता है।

इसमें दावा किया गया कि सरकार ने पर्याप्त निर्यात प्रदर्शन वाली कई वास्तविक कंपनियों को जोखिम भरा निर्यातक घोषित कर दिया है और उनके बकाये का भुगतान रोक दिया है और उनसे लंबी सीमा शुल्क प्रक्रियाओं का पालन कराया है।

जीटीआरआई के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, यह वास्तविक कंपनियों को हतोत्साहित करेगा और उन्हें निर्यात करने से रोकेगा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\