विदेश की खबरें | यूरोपीय यूनियन ने ट्रंप से डब्ल्यूएचओ का अनुदान रोकने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया

ट्रंप ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि डब्ल्यूएचओ महामारी से सही ढंग से निपटने में नाकाम रहा है और उसपर पूरी तरह चीन का नियंत्रण हो गया है।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उरसुला वोन डेर लेयेन ने शनिवार को ट्रंप से उनके फैसले पर दोबारा विचार करने का आग्रह करते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाईयों से बचना चाहिये जिनसे अंतरराष्ट्रीय कोशिशें कमजोर हों। यह समय अंतराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने और मिलजुल कर प्रयास करने का है।

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उन्होंने कहा, '' डब्ल्यूएचओ को फिलहाल और भविष्य में कोरोना वायरस से निपटने के लिये अंतरराष्ट्रीय समुदाय का नेतृत्व करते रहना चाहिये। इसके लिये सभी के सहयोग की बहुत ज्यादा जरूरत है।''

अमेरिका डब्ल्यूएचओ को सबसे अधिक अनुदान देता है और अगर वह इससे बाहर निकलता है तो संगठन के काफी कमजोर होने की संभावना है।

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ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका डब्ल्यूएचओ को दिये जाने वाले पैसे का इस्तेमाल अलग से वैश्विक जन स्वास्थ्य आवश्यकताओं पर करेगा।

हालांकि डब्ल्यूएचओ ने ट्रंप की इस घोषणा पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री ज्वेली एमखाईजे ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ''गंभीर महामारी का सामना करते समय सभी चाहते हैं कि तमाम देश एक विशेष दुश्मन पर ध्यान केंद्रित करें।''

इस बीच, कई देशों मे जीवन पटरी पर लौट रहा है। चीन में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के केवल चार नए मामले सामने आए हैं। संक्रमित पाए गए सभी लोग दूसरे देशों से लौटे हैं। मौत का एक भी मामला सामने नहीं आया है। केवल 63 रोगियों का ही इलाज चल रहा है।

वहीं, जर्मनी के 200 प्रबंधक चार्टर्ड विमान से बीजिंग के पूर्व में स्थित तियानिजिन बंदरगाह शहर में अपने काम पर लौट आए हैं। इसके अलावा बृहस्पतिवार को एक और विमान जर्मनी के 200 अन्य नागरिकों को लेकर शंघाई पहुंचेगा।

संक्रमण की दर को काफी हद तक नीचे ला चुके कई देश पाबंदियों में ढील देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि वे प्रत्येक घटनाक्रम पर पैनी निगाह बनाए हुए हैं।

महामारी के निपटने के लिये प्रशंसा पाने वाले दक्षिण कोरिया में शनिवार को संक्रमण के 39 मामले सामने आए। इनमें से अधिकतर मामले घनी आबादी वाले सियोल मेट्रोपॉलिटन इलाके से सामने आए हैं। अधिकारी चरणबद्ध तरीके से स्कूल खोलने पर भी विचार कर रहे हैं।

भारत में एक दिन में संक्रमण के रिकॉर्ड 7,964 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा 265 लोगों की मौत हुई है। भारत में दो महीने से लागू लॉकडाउन का चौथा चरण पूरा होने में केवल एक दिन शेष है। देश में अबतक 1,73,763 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से 4,971 लोगों की मौत हो चुकी है। 82,369 ठीक हो गए हैं।

वहीं रूस में कोरोना वायरस संक्रमण के रिकॉर्ड 9,000 मामले सामने आए हैं, जोकि बीते दो सप्ताह में लगभग सबसे अधिक हैं।

रूस के राष्ट्रीय कोरोना वायरस कार्यबल ने शनिवार को बताया कि देश में अबतक 3,96,575 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से 4,555 लोगों की मौत हो चुकी है।

रूस में अन्य देशों की तुलना में अपेक्षाकृत कम मृत्यु दर ने देश और विदेश में आंकड़ों को संदेह के घेरे में ला दिया है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने घोषणा की है कि माली में तैनात दो शांतिदूतों की कोविड-19 संक्रमण से मौत हो गई है। इस देश में 137 शांतिदूत कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं।

अमेरिका कोरोना वायरस से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जहां 17 लाख से अधिक लोग कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से लगभग 1,03,000 लोगों की मौत हो चुकी है।

शहरों और राज्यों पर लॉकडाउन खत्म करने का दबाव बढ़ रहा है। अमेरिका में लगभग चार करोड़ लोगों ने खुद को बेरोजगार के तौर पर पंजीकृत कराया है।

वहीं जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा है कि अगर ट्रंप की मेजबानी में जी-7 देशों की बैठक होती भी है तो वह कोरोना वायरस हालत के मद्देनजर उसमें शिरकत नहीं कर पाएंगी।

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