देश की खबरें | शिकायत के बीच पुणे के एक बड़े अस्पताल के संचालन से अलग हुई संस्था

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. आठ सितंबर

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

पुणे, आठ सितंबर आठ सितंबर पुणे में नव सृजित कोविड-19 अस्पताल का संचालन करने वाली संस्था के अलग होने के बाद इस चिकित्सा केंद्र को चालू रखने के लिए अंतरिम व्यवस्था की गयी है। पुणे के संभागीय आयुक्त सौरभ राव ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

यहां सीओईपी ग्राउंड में स्थित इस कोविड-19 अस्पताल में कई खामियों सामने आने पर उसे चलाने वाली लाईफलाइन हॉस्पीटल्स प्राइवेट लिमिटेड नामक एजेंसी को नोटिस जारी किया था।

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राव ने कहा, ‘‘ एजेंसी (लाईफलाइन हॉस्पीटल्स प्राइवेट लिमिटेड), जिसे इस उपचार केंद्र के संचालन का जिम्मा सौंपा गया था, अलग हो गयी है। हमने दो एजेंसियों को साथ लाकर पहले ही अंतरिम इंतजाम कर दिया है। उनमें एक पिंपड़ी-चिंचवाड में एक जंबो अस्पताल चला रही है। ’’

उन्होंने कहा कि इस अस्पताल की स्थिति की जिला प्रशासन द्वारा निगरानी की जा रही है और लाईफलाइन के निलंबन पर एक दिन में अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा।

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उन्होंने कहा, ‘‘ इस जंबो अस्पताल में श्रमबल और चिकित्सा स्थिति सुधर रही है । अन्य निजी अस्पतालों के वरिष्ठ डॉक्टरों का ऑनलाइन परामर्श भी लिया जा रहा है।’’

राव ने कहा कि पुणे नगर निकाय ने एक व्यवस्था बनायी है जिसके माध्यम से मरीजों की स्थिति उनके रिश्तेदारों को फोन और ऑडियो वीडियो प्रणाली से बतायी जा रही है।

पुणे नगर निगम के आयुक्त विक्रम कुमार के अनुसार पिछले 12 दिनों में इस अस्पताल में 45 मौत हुई है।।

इसी बीच नोटिस हासिल करने वाली एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि यहां अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद कई डॉक्टर और नर्स नौकरी छोड़कर चले गए।

पिछले सप्ताह इस अस्पताल में एक समाचार चैनल के पत्रकार की मौत हो गई थी। मृतक के परिवार का आरोप था कि मरीज को समय से कार्डिक एम्बुलेंस (परिष्कृत जीवन रक्षक एम्बुलेंस) नही मिली।

पत्रकार की मौत के बाद इस जम्बो अस्पताल के खिलाफ कुप्रबंधन के आरोप लगने लगे।

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