देश की खबरें | वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये अदालतों में आईएम आतंकवादियों की पेशी सुनिश्चित करें अधिकारी : अदालत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्राधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे आतंकवाद से जुड़े मामलों में गिरफ्तार इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम) के सह-संस्थापक यासीन भटकल और तीन अन्य संदिग्धों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देश की विभिन्न अदालतों में उपस्थिति सुनिश्चित करें।

नयी दिल्ली, पांच मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्राधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे आतंकवाद से जुड़े मामलों में गिरफ्तार इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम) के सह-संस्थापक यासीन भटकल और तीन अन्य संदिग्धों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देश की विभिन्न अदालतों में उपस्थिति सुनिश्चित करें।

उच्च न्यायालय ने इंडियन मुजाहिद्दीन के कथित आतंकवादियों असदुल्ला अख्तर, जिया-उर-रहमान, तहसीन अख्तर और अहमद सिद्दीबप्पा उर्फ ​​यासीन भटकल की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया।

याचिकाकर्ताओं ने केंद्र सरकार के उस आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया था, जिसके तहत तिहाड़ जेल से उनकी आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया था, जहां वे मौजूदा समय में बंद हैं। उनके वकील ने दलील दी कि अदालतों में कार्यवाही में “अनुचित देरी” हो रही है, क्योंकि आरोपी सुनवाई के दौरान भौतिक रूप से उपस्थित नहीं थे।

वहीं, राष्ट्रीय अभिकरण एजेंसी (एनआईए) की ओर से पेश वकील ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को उच्च जोखिम वाले कैदियों के रूप में वर्गीकृत किया गया है और उनकी आवाजाही में काफी साजो-सामान और सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है, जिस पर बड़े पैमाने पर सार्वजनिक धन खर्च होगा।

उच्च न्यायालय ने कहा कि हालांकि, सुनवाई में देरी के संबंध में याचिकाकर्ताओं की ओर से उठाई गई चिंताएं बेबुनियाद नहीं हैं, लेकिन यह सुनिश्चित करना भी उतना ही अहम है कि अदालत कक्ष की सुरक्षा, साजो-सामान संबंधी व्यावहारिकता और संस्थागत संसाधनों के संबंध में अनावश्यक रूप से अत्यधिक बोझ न पड़े।

न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने 30 अप्रैल को पारित आदेश में कहा कि इन आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये निचली अदालतों में पेश किया जाना चाहिए, चाहे वह दिल्ली में हो या देश के किसी अन्य हिस्से में, जब तक कि अदालत की ओर से किसी विशेष उद्देश्य के लिए उनकी भौतिक उपस्थिति को अनिवार्य न किया गया हो।

सितंबर 2012 में एनआईए की ओर से दर्ज की गई प्राथमिकी के मुताबिक, आईएम के सदस्य भारत में मौजूद आईएम के स्लीपर सेल और अन्य लोगों के साथ मिलकर देश में विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों, विशेष रूप से दिल्ली में बम विस्फोट करने की साजिश रच रहे थे। इस काम में उन्हें पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों का सक्रिय सहायता और समर्थन हासिल था।

मामले में भटकल और असदुल्ला अख्तर को 29 अगस्त 2013 को, जबकि तहसीन अख्तर और रहमान को पांच मई 2014 को गिरफ्तार किया गया था।

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