जरुरी जानकारी | सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के कर्मचारी निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर गए
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा (पीएसजीआई) कंपनियों के कर्मचारी बुधवार को सरकारी बीमा कंपनियों के निजीकरण के विरोध में एक दिन की देशव्यापी हड़ताल कर रहे हैं।
नयी दिल्ली, चार अगस्त सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा (पीएसजीआई) कंपनियों के कर्मचारी बुधवार को सरकारी बीमा कंपनियों के निजीकरण के विरोध में एक दिन की देशव्यापी हड़ताल कर रहे हैं।
पीएसजीआई कंपनियों के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चे की सोमवार को बैठक हुई और इन कंपनियों के निजीकरण के सरकार के फैसले का विरोध करने का फैसला किया।
अखिल भारतीय सामान्य बीमा कर्मचारी संघ के महासचिव के गोविंदन ने कहा कि यूनियनों ने लोकसभा में साधारण बीमा कारोबार (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021 को पारित किए जाने के खिलाफ एक दिन की हड़ताल का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि पीएसजीआई की सभी चार कंपनियों के कर्मचारी दिन भर की हड़ताल में हिस्सा ले रहे हैं।
पेगासस जासूसी और अन्य मुद्दों पर विपक्षी दलों के लगातार विरोध के बीच लोकसभा ने सोमवार को बिना चर्चा के विधेयक को पारित कर दिया। यह विधेयक बुधवार को चर्चा और पारित होने के लिए राज्यसभा में आने वाला है।
इस विधेयक के पारित होने के बाद केंद्र सरकार किसी बीमा कंपनी में 51 प्रतिशत से कम हिस्सेदारी रख सकती है यानी उसका निजीकरण किया जा सकता है।
अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ (एआईआईईए) ने कहा कि इन उपायों के चलते सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की सभी चार सामान्य बीमा कंपनियों और पुनर्बीमाकर्ता जीआईसी री का निजीकरण कर सकेगी।
एआईआईईए ने कहा, ‘‘वित्त मंत्री का यह तर्क हास्यास्पद लगता है कि यह निजीकरण नहीं है, बल्कि अधिक से अधिक निजी भागीदारी की दिशा में उठाया गया कदम है।’’
गौरतलब है कि पीएसजीआई कंपनियां प्रीमियम संग्रह और दावा निपटान के मामले में पहले पांच स्थान पर काबिज हैं।
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