मुंबई, पांच अगस्त एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी कार्यकर्ताओं- वर्णन गोंजाल्वेस और अरुण फरेरा को शनिवार दोपहर नवी मुंबई की एक जेल से रिहा कर दिया गया।
उच्चतम न्यायालय ने दोनों को जमानत दे दी थी, जिसके बाद एक विशेष अदालत ने रिहाई आदेश जारी किया और फिर इन्हें रिहा किया गया।
दोनों तलोजा जेल में बंद थे।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों कार्यकर्ताओं के कुछ समर्थक और संबंधी जेल के बाहर उनकी प्रतीक्षा कर रहे थे।
गोंजाल्वेस और फरेरा के रिहा होने के साथ ही, इस मामले में गिरफ्तार किए गए कुल 16 में से पांच आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आ चुके हैं। एक आरोपी स्टैन स्वामी की जुलाई 2021 में न्यायिक हिरासत के दौरान यहां एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी।
इससे पहले आज दिन में मामले से जुड़े एक वकील ने कहा कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से संबंधित मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत ने शुक्रवार को रिहाई का आदेश जारी कर दिया है। उच्चतम न्यायालय ने 28 जुलाई को आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।
यह मामला पुणे में 31 दिसंबर 2017 को आयोजित एल्गार परिषद के एक कार्यक्रम से जुड़ा है और पुणे पुलिस का आरोप है कि इसके लिए धन माओवादियों ने दिया था।
पुलिस का यह भी आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान दिए गए भड़काऊ भाषणों के कारण अगले दिन पुणे के कोरेगांव-भीमा युद्ध स्मारक पर हिंसा भड़क गई थी। बाद में एनआईए ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी।
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