देहरादून, 20 जनवरी देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विद्युत लाइनों को भूमिगत करने के लिए आगामी मई तक निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और अगले एक से डेढ़ साल में यह कार्य पूरा होने की संभावना है।
उत्तराखंड उर्जा निगम के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से शहर की विद्युत लाइनों को भूमिगत करने का कार्य एशियाई विकास बैंक के सहयोग से किया जा रहा है। इसके लिए सभी मंजूरियां ले ली गयी हैं।
उन्होंने कहा, ''अगले तीन—चार माह में निविदा प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और काम का आवंटन कर दिया जाएगा। इसके बाद एक—डेढ़ साल में विद्युत लाइनों को भूमिगत करने का काम पूरा हो जाएगा।''
कुमार ने कहा कि इससे सडकों के चौडीकरण के दौरान हर बार सड़क के बीच में आने वाले खंभे को हटाने और उसकी जगह नया खंभा लगाने से मुक्ति मिलेगी और साथ ही खंभों से टकराकर होने वाले हादसों में कमी आएगी। लगातार बिजली आपूर्ति में मदद मिलेगी।
उत्तराखंड के एक अन्य शहर हरिद्वार में 2021 कुंभ के दौरान विद्युत लाइन भूमिगत की जा चुकी हैं।
अधिकारी ने बताया कि जोशीमठ में जमीन धंसने से प्रभावित क्षेत्र में 60—70 खंभे और उससे जुड़े बिजली के तारों तथा कुछ ट्रांसफार्मर को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया है। क्षेत्र में कहीं भी बिजली आपूर्ति बाधित नहीं है। उन्होंने बताया कि इसमें 2.14 करोड रुपये का खर्च आया।
कुमार ने बताया कि जोशीमठ में स्थित 33 केवी विद्युत सब स्टेशन को किसी दूसरी जगह स्थानांतरित करने की जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक जगह चिन्हित कर ली गयी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सब स्टेशन दरारों से 100 मीटर दूर है और सुरक्षित है।
अधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड में बिजली की दर औसतन 5.31 रुपये प्रति यूनिट है जो देश में सबसे कम है।
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