ताजा खबरें | नीम लेपित यूरिया के दुरूपयोग को रोकने के लिए प्रयास किया जा रहा : सरकार
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि वह नीम लेपित यूरिया के दुरूपयोग को रोकने के लिए प्रयास कर रही है।
नयी दिल्ली, आठ फरवरी सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि वह नीम लेपित यूरिया के दुरूपयोग को रोकने के लिए प्रयास कर रही है।
रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री भगवंत खूबा ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूरिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि किन उद्योगों में इसका दुरुपयोग हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा ज्यादा खरीद करने वालों पर भी कार्रवाई करने के लिए राज्य सरकारों से कहा गया है।
रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने प्रश्नकाल के दौरान ही कहा कि देश में खेती के लिए यूरिया सबसे महत्वपूर्ण खाद है और यहां 300-325 लाख मीट्रिक टन यूरिया की खपत होती है जिसमें 70-75 लाख मीट्रिक टन यूरिया का हम आयात करते हैं।
उन्होंने कहा कि देश में खाद की कमी नहीं हो, इसके लिए हम अपने यहां उत्पादन बढ़ा रहे हैं और आयात पर निर्भरता कम करने पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस साल गैस की कीमत बढ़ने से यूरिया की कीमत बहुत बढ़ गई और ऐसी स्थिति में भारत सरकार को आयातित उर्वरक 900 अमेरिकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन की दर से मिला जो पहले 350 अमेरिकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक होता था।
मांडविया ने कहा कि आज किसान को जो यूरिया प्रति बोरी 266 रुपये मिलती है, उस पर 2500 रुपये की सब्सिडी होती है और इस साल भारत सरकार ने उर्वरक के लिए एक लाख 49 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है। अतीत में इतनी सब्सिडी कभी नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि किसानों को डीएपी खाद पर प्रति बोरी 1650 रुपए की सब्सिडी दी गई।
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