मुंबई, तीन जुलाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बर्खास्त पुलिसकर्मी सचिन वाजे को उनके और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अनिल देशमुख सहित अन्य के खिलाफ दर्ज धन शोधन मामले में सरकारी गवाह बनने के लिए दी गई सहमति सोमवार को वापस ले ली।
ईडी ने मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश आर एन रोकाडे को जांच एजेंसी द्वारा पिछले साल मई में वाजे को दी गई अनुमति को वापस लेने के फैसले के बारे में सूचित किया।
ईडी के अनुसार, महाराष्ट्र के गृह मंत्री के रूप में देशमुख ने वाजे के माध्यम से मुंबई के विभिन्न बार और रेस्तरां मालिकों से 4.70 करोड़ रुपये की वसूली की थी, जो उस समय महानगर की पुलिस में तैनात थे।
ईडी के मुताबिक, काले धन को सफेद में बदला गया और देशमुख परिवार द्वारा नियंत्रित एक शैक्षिक ट्रस्ट, नागपुर स्थित श्री साईं शिक्षण संस्थान में भेज दिया गया।
हालांकि, वाजे भ्रष्टाचार के संबंधित मामले में सरकारी गवाह हैं, जिसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही है।
वाजे को दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के पास पाए गए विस्फोटकों से भरे वाहन और ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरन की हत्या के मामले में उनकी कथित भूमिका के लिए मार्च 2021 में गिरफ्तार किया गया था।
मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस सेवा से बर्खास्त वाजे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
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