जरुरी जानकारी | दूरसंचार विभाग ने लाइसेंस शुल्क का नोटिस वापस लिया: पावरग्रिड
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नयी दिल्ली, 15 जुलाई सार्वजनिक क्षेत्र की पावरग्रिड ने बुधवार को कहा कि दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने कंपनी को वित्त वर्ष 2006-07 से 2018-19 की अवधि के लिये लाइसेंस शुल्क की मांग को लेकर दिये गये अस्थायी नोटिस को वापस ले लिया है।
कंपनी के पास ‘नेशनल लांग डिस्टेंस’ (एनएलडी) और इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) लाइसेंस है।
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शेयर बाजार को दी सूचना में पावरग्रिड ने कहा कि एनएलडी और आईएसपी लाइसेंस के संदर्भ वित्त वर्ष 2006-07 से 2018-19 की अवधि के लिये शुल्क समेत ब्याज, जुर्माना और जुर्माने पर ब्याज को लेकर दिया गया नोटिस को दूरसंचार विभाग ने वापस ले लिया है।
पावरग्रिड ने पिछले महीने कहा था कि दूरसंचार विभाग ने वित्त वर्ष 2006-07 से 2018-19 की अवधि के लिये लाइसेंस शुल्क के रूप में 13,613.66 करोड़ रुपये की मांग की है।
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उससे पहले, जनवरी में कंपनी ने कहा था कि दूरसंचार विभाग ने 2014-15 से 2017-18 के लिये अस्थायी आकलन किया था। उसने 2012-13 और 2013-14 के लिये फिर से आकलन किया। विभाग ने पिछले एक साल में गैर-दूरसंचार राजस्व को समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) में विविध आय के रूप में जोड़कर 21,954 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग की।
पावरग्रिड ने दूरसंचार विभाग की मांग का विरोध किया था। उसने कहा था कि बिजली पारेषण और संबंधित परामर्श कारोबार का उसके राजस्व में 98 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं दूरसंचार खंड से राजस्व की हिस्सेदारी केवल दो प्रतिशत है।
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