नयी दिल्ली, 25 जून दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार और डेटा नेटवर्क में उपयोग किये जाने वाले कुछ और उत्पादों को परीक्षण और प्रमाणन की श्रेणी में ला दिया है। विभाग ने एक अक्टूबर 2020 से कुछ अतिरिक्त दूरसंचार उपकरणों की अनिवार्य परीक्षण व प्रमाणन की अधिसूचना जारी की है।
दूरसंचार उपकरणों के अनिवार्य परीक्षण व प्रमाणन (एमटीसीटीई) व्यवस्था के दूसरे चरण के तहत जिन उत्पादों की अधिसूचना जारी की गयी है, उनमें ट्रांसमिशन टर्मिनल उपकरण (मल्टीप्लेक्सिंग उपकरण सहित), पीओएन (निष्क्रिय ऑप्टिकल नेटवर्क) ब्रॉडबैंड उपकरण और फीडबैक डिवाइस शामिल हैं।
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दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने एक नयी अधिसूचना में कहा, ‘‘यह अधिसूचित किया गया है कि भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) नियम 2017 में उपबंधित दूरसंचार उपकरणों का अनिवार्य परीक्षण व प्रमाणन (एमटीसीटीई) व्यवस्था के दूसरे चरण के तहत इन दूरसंचार उपकरणों का परीक्षण व प्रमाणन एक अक्टूबर 2020 से अनिवार्य है।’’
एमटीसीटीई पोर्टल पर इन दूरसंचार उत्पादों के परीक्षण और प्रमाणन के लिये आवेदन 25 जून 2020 से स्वीकार किये जायेंगे।
दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने 23 जून को एक परिपत्र में कहा, "भारत में इन दूरसंचार उपकरणों की बिक्री, आयात या उपयोग के लिये इस तरह का प्रमाणन एक अक्टूबर, 2020 से अनिवार्य हो जायेगा।"
इसने कहा कि शेष उपकरणों के अनिवार्य परीक्षण और प्रमाणन के लिये कार्यक्रम को बाद में अधिसूचित किया जाएगा।
विभाग की इंजीनियरिंग इकाई ने 24 जून को जारी एक अन्य परिपत्र में सुरक्षा आवश्यकताओं और विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप व विद्युत चुम्बकीय संगतता से संबंधित आवश्यकताओं के अलावा कुछ मानदंडों पर परीक्षण के परिणामों व रिपोर्टों के लिये कुछ छूट भी प्रदान किया।
दूरसंचार उद्योग के संगठन सेल्यूलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महानिदेशक राजन मैथ्यूज ने इस बारे में संपर्क किये जाने पर पीटीआई- को बताया, "हम इस बात से खुश हैं कि दूरसंचार विभाग परीक्षण बढ़ाने के लिये चरणबद्ध तरीके से पात्र प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ा रहा है।’’
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