जरुरी जानकारी | दूरसंचार विभाग ने सैटेलाइट सेवाओं पर भी नेटवर्क उपकरण खरीद अंकुश लगाए
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत में स्थापित गेटवे के जरिये सैटेलाइट संपर्क सेवाएं उपलब्ध करा रही कंपनियों को अब सरकार द्वारा तय सिफारिशों के अनुरूप नेटवर्क उपकरण लगाने पड़ेंगे। दूरसंचार विभाग ने इस बारे में नए नियम जारी किए हैं।
नयी दिल्ली, 12 अप्रैल भारत में स्थापित गेटवे के जरिये सैटेलाइट संपर्क सेवाएं उपलब्ध करा रही कंपनियों को अब सरकार द्वारा तय सिफारिशों के अनुरूप नेटवर्क उपकरण लगाने पड़ेंगे। दूरसंचार विभाग ने इस बारे में नए नियम जारी किए हैं।
फिलहाल सिर्फ बीएसएनएल ने सैटेलाइट गेटवे लगाया हुआ है, जिसके जरिये वह अधिकृत एजेंसियों मसलन सुरक्षा बलों, पेट्रोलियम कंपनियों आदि को सैटेलाइट आधारित संचार सेवाएं उपलब्ध कराती है।
नए नियमों के अनुसार राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक (एनसीएससी) अधिकृत प्राधिकरण होगा जो ‘भारत की रक्षा’ या राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जुड़े मामलों में दूरसंचार उपकरणों की खरीद पर शर्तें लगा सकेगा।
दूरसंचार विभाग ने पिछले महीने दूरसंचार ऑपरेटरों तथा इंटरनेट सेवाप्रदाताओं पर इसी तरह के अंकुश लगाए हैं।
भारत में स्थापित गेटवे के जरिये सैटेलाइट आधारित सेवाओं के लिए दूरंसचार उपकरणों की खरीद से संबंधित लाइसेंस करार में संशोधन 11 मार्च को किया गया था। इसे दूरसंचार विभाग की वेबसाइट पर सोमवार को डाला गया है।
नए नियमों के तहत सैटेलाइट सेवा परिचालकों को 15 जून से मौजूदा नेटवर्क के अद्यतन के लिए एनसीएसी से अनुमति लेनी होगी। यह संशोधन दूरसंचार क्षेत्र पर राष्ट्रीय सुरक्षा निर्देश के अनुरूप है।
अजय
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