कर्नाटक में घरेलू यात्री विमान सेवाएं फिर से हुई शुरू, कई उड़ानें भी करनी पड़ी रद्द

शहर के हवाईअड्डे का संचालन करने वाले बेंगलोर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (बीआईएएल) की एक विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘‘ 25 मई को शाम पांच बजे तक हवाईअड्डे ने कुल 74 उड़ानों का आवागमन दर्ज किया, जिनमें 43 उड़ानें यहां से अन्य शहरों के लिये रवाना हुयीं जबकि 31 उड़ानें यहां उतरी।’’

जियो

बेंगलुरु, 25 मई लॉकडाउन शुरू होने के करीब दो महीने बाद सोमवार को यहां केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से उड़ान सेवाएं फिर शुरू हो गई। शाम तक कुल 74 उड़ानों का आवागमन हुआ, जबकि इतनी ही संख्या में उड़ानें रद्द भी की गईं।

शहर के हवाईअड्डे का संचालन करने वाले बेंगलोर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (बीआईएएल) की एक विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘‘ 25 मई को शाम पांच बजे तक हवाईअड्डे ने कुल 74 उड़ानों का आवागमन दर्ज किया, जिनमें 43 उड़ानें यहां से अन्य शहरों के लिये रवाना हुयीं जबकि 31 उड़ानें यहां उतरी।’’

इसमें कहा गया है कि सोमवार को कुल 74 उड़ानें रद्द भी की गईं। हवाईअड्डा उड़ान कार्यक्रम के मुताबिक संचालित होता रहेगा।

पहली उड़ान करीब 176 यात्रियों को लेकर रांची गई।

सूत्रों के मुताबिक, रांची के लिये एयर एशिया के एक विमान ने सुबह करीब सवा पांच बजे उड़ान भरी। वहीं पहली उड़ान का आगमन सुबह करीब आठ बजे चेन्नई से हुआ, जिसमें 113 यात्री सवार थे।

सूत्रों ने बताया कि कुछ राज्यों ने उड़ानों की संख्या पर प्रतिबंध लगाये हैं, कुछ ने यात्रियों के पहुंचने पर उन्हें पृथक-वास में रहने के दिशानिर्देश जारी किये हैं। इस कारण यहां आने-जाने वाली कई उड़ानें रद्द भी हुई हैं।

खबरों के मुताबिक बेंगलुरू से अन्य शहरों को जाने वाली करीब 30 उड़ानें रद्द की गई।

कुछ यात्रियों ने आखिरी समय में टिकट रद्द कर दिया, जैसा कि बेंगलुरु से हैदराबाद उड़ान के मामले में हुआ।

बेलगावी में साम्ब्रा हवाईअड्डा और मंगलुरू हवाईअड्डे से भी कुछ उड़ानें रद्द हुई है।

शहर के हवाईअड्डे पर सोमवार को पहुंचने वाले यात्रियों में दिल्ली से अकेले आया पांच साल का एक लड़का भी शामिल है। उसकी मां तीन महीने बाद अपने बेटे को देखने के लिये व्याकुल नजर आई।

राज्य सरकार की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के मुताबिक कोविड-19 के अधिक मामले वाले राज्यों से आने वाले यात्रियों को सात दिनों के पृथक-वास के लिये बेंगलोर महानगर परिवहन निगम (बीएमटीसी) बसों द्वारा होटलों में पहुंचाया जाएगा, जिनकी इस उद्देश्य के लिये विशेष रूप से व्यवस्था की गई है।

कर्नाटक सरकार ने कहा है कि जो लोग कोविड-19 से अधिक प्रभावित राज्यों - महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, तमिलनाडु, राजस्थान और मध्य प्रदेश से आएंगे उन्हें सात दिन के लिए संस्थागत पृथक केंद्र में रहना होगा, जिसका खर्च यात्रियों को उठाना होगा।

कोविड जांच रिपोर्ट में संक्रमित नहीं पाए जाने पर उन्हें अगले सात दिन के लिए घर में पृथक-वास में रहना होगा।

जो लोग कम प्रभावित क्षेत्रों से आएंगे उन्हें 14 दिन घर में पृथक-वास में रहना होगा।

गर्भवती महिलाओं, 10 साल से कम उम्र के बच्चों और 80 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद घर में पृथक-वास में रहने की अनुमति होगी।

खास मामलों में, जहां कारोबारी जरूरी काम से आ रहे हों, उन्हें पृथक-वास की जरूरत के बिना जाने की अनुमति होगी लेकिन उन्हें आईसीएमआर से मंजूरी प्राप्त प्रयोगशालाओं से कोविड-19 जांच रिपोर्ट लानी होगी और यह यात्रा की तिथि से दो दिन पहले की नहीं होनी चाहिए।

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