देश की खबरें | जिला प्रशासन ने बैंक की शाखा सील की, कर्मचारियों ने अधिकारियों पर लगाए अभद्रता के आरोप

बैंक कर्मचारियों ने प्रशासन के अधिकारियों पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए मंगलवार को जिलाधीश को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा एवं दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

बैंक शाखा प्रबंधक रजनीश चोपड़ा सहित बैंक कर्मचारियों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय प्रबंधक को एक पत्र भेजा है।

पत्र में बैंक कर्मचारियों ने पुलिस पर शाखा प्रबंधक सहित सभी कर्मचारियों को ज़बरदस्ती खींचकर बाहर निकालने का आरोप लगाया है।

शाजापुर जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा सोमवार (22 फरवरी) को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि शासन की महत्वाकांक्षी ‘स्ट्रीट वेंडर योजना’ के तहत बैंक में शिविर लगाने के उपरांत भी हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध नहीं कराने, अपने निर्धारित स्थल पर बैंक संचालित नहीं करने तथा आवासीय परिसर में बैंक की व्यवसायिक शाखा संचालित करने के कारण जिला प्रशासन द्वारा एसबीआई की मगरिया शाखा को सोमवार दोपहर बाद सील कर दिया गया।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि शाखा सील करने की कार्रवाई के दौरान अपर कलेक्टर मंजूषा विक्रांत राय, डिप्टी कलेक्टर जूही गुप्ता, प्रभारी तहसीलदार डॉ मुन्ना अड़ सहित राजस्व एवं पुलिस के अधिकारी मौजूद थे।

दूसरी ओर बैंक कर्मचारियों ने पत्र में आरोप लगाया है कि, ‘‘पीएम स्व निधि के तहत ऋण वितरण नहीं किये जाने के संबंध में नगर निगम सीएमओ और तहसीलदार ने आज हमारी मगरिया शाखा में अभद्र व्यवहार किया। पुलिस बुलाकर शाखा के बाहर हंगामा किया गया, स्टॉफ को बाहर बुलाकर बुरा भला कहा गया।’’

पत्र के मुताबिक कर्मचारियों ने 59 लोगों को ऋण देने का विवरण दिया इसके बावजूद बैंक शाखा से ग्राहकों को बाहर निकाल दिया गया।

अपर कलेक्टर मंजूषा राय ने कहा कि कोविड-19 महामारी से राहत देने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा जरूरतमंदो के लिये शुरू की गयी ऋण योजना में मानवीय संवदेना से दूर रहकर बैंक कर्मचारियों द्वारा लापरवाही की जा रही थी।

उन्होंने कहा कि बैंक शाखा को नियमानुसार सील किया गया है। राय ने बैंक कर्मचारियों के साथ अभद्रता करने के आरोपों से भी इंकार किया।

बैंक कर्मचारियों की शिकायत के मुताबिक प्रशासन को रिण प्रकरणों की जानकारी दिन में उपलब्ध कराई गई थी जिस पर उन्होंने संतुष्टि जताई थी। शिकायत के मुताबिक, पुलिस व प्रशासन के लोग बाद मे फिर आए और बैंक प्रबंधक सहित सभी कर्मचारियों को खींचकर शाखा से बाहर निकाला एवं उन्हें कलेक्टर कार्यालय ले जाया गया।

पत्र में कहा गया है कि कर्मचारियों को कलेक्टर ने कुछ देर बाद छोड़ दिया लेकिन इससे उनमें भय का माहौल है।

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