देश की खबरें | धनखड़ ने लोक सेवकों से राजनीतिक पदाधिकारियों के तौर पर कार्य नहीं करने को कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने सोमवार को लोक सेवकों से कहा कि वे राजनीतिक पदाधिकारयों की तरह कार्य नहीं करें। धनखड़ ने साथ ही यह भी कहा कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि 2021 में विधानसभा चुनाव निष्पक्ष तरीके से हों।
दार्जिनिंग (पश्चिम बंगाल), दो नवम्बर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने सोमवार को लोक सेवकों से कहा कि वे राजनीतिक पदाधिकारयों की तरह कार्य नहीं करें। धनखड़ ने साथ ही यह भी कहा कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि 2021 में विधानसभा चुनाव निष्पक्ष तरीके से हों।
धनखड़ एक महीने के दौरे पर रविवार को दार्जिलिंग पहुंचे थे।
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दार्जिलिंग के जिला मजिस्ट्रेट एस पोन्नंबलम और पुलिस अधीक्षक डा. संतोष निम्बालकर ने सोमवार को यहां राजभवन में उनसे मुलाकात की।
राज्यपाल ने दोनों अधिकारियों से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने लगातार उन्हें समझाने की कोशिश की है कि एक लोक सेवक कोई राजनीतिक पदाधिकारी नहीं हो सकता। एक लोक सेवक कुछ मर्यादा के साथ काम करता है। यह मर्यादा उसे राजनीतिक तत्व के रूप में काम करने का अधिकार नहीं देती है।’’
धनखड़ ने 29 अक्टूबर को नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल में पुलिस और नौकरशाही का राजनीतिकरण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह पहली बार था जब किसी एसपी या डीएम ने मुलाकात के उनके आह्वान पर कदम उठाया।
धनखड़ के दार्जिलिंग हिल्स के लिए रवाना होने से पहले सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्त त्रिपुरारी अथर्व ने भी उनसे सोमवार को मुलाकात की थी।
धनखड़ ने विभिन्न अवसरों पर राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को कोलकाता में उनसे मिलने और जिलों की यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात करने के लिए कहा है, लेकिन उनमें से कुछ ही इसके लिए आये।
संभावित रूप से अगले साल अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनावों पर उन्होंने कहा, ‘‘राज्यपाल के रूप में, मेरे पास दो उद्देश्य हैं। लोगों को इस तरह कोई भी आशंका नहीं होनी चाहिए कि निष्पक्ष चुनाव नहीं होगा और मैं लोगों को वचन दे रहा हूं कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होंगे।’’
धनखड़ ने कहा, ‘‘हालांकि, डगर कठिन है और परिस्थितियां चाहे जितनी भी प्रतिकूल हों, मेरा प्रयास स्वतंत्र, निष्पक्ष, हिंसा मुक्त मतदान सुनिश्चित करना होगा।’’
पश्चिम बंगाल भाजपा दावा करती रही है कि राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव तृणमूल कांग्रेस के शासन में संभव नहीं, जब तक कि राष्ट्रपति शासन नहीं लगाया जाता।
राजभवन और राज्य सरकार के बीच टकराव से राज्य में राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। पश्चिम बंगाल भाजपा धनखड़ के पीछे मजबूती से खड़ी है और तृणमूल कांग्रेस राज्यपाल पर भाजपा के एक नेता की तरह कार्य करने के आरोप लगा रही है।
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कोलकाता में कहा, ‘‘वह एक राजनीतिक दल के प्रवक्ता के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने डीएम, एसपी को कथित तौर पर आग से नहीं खेलने के लिए कहा है। क्या वह इस तरह का बयान दे सकते हैं? हम उनसे इस तरह के बयान देने से परहेज करने के लिए कहते हैं।’’
धनखड़ ने कहा था कि दार्जिलिंग हिल्स की उनकी यात्रा का उद्देश्य "जमीनी वास्तविकताओं" का आकलन करना है।
राज्यपाल ऐसे समय दार्जिलिंग के दौरे पर आये हैं जब गोरखा जनमुक्ति मोर्चा सुप्रीमो बिमल गुरुंग ने अपनी पार्टी के राजग छोड़ने और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की है।
तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व, हालांकि धनखड़ की इस यात्रा को लेकर आशंकित है क्योंकि एक साल पहले राज्यपाल बनने के बाद उनका ममता बनर्जी सरकार के साथ लगातार टकराव चल रहा है।
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