जरुरी जानकारी | उच्च वृद्धि के बावजूद आवास वित्त कंपनियों को बैंकों के हाथों गंवानी पड़ेगी बाजार हिस्सेदारी: रिपोर्ट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) को प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियों में तेजी से वृद्धि के बावजूद 2022-23 में बैंकों के हाथों अपनी बाजार हिस्सेदारी गंवानी पड़ेगी। एक रिपोर्ट में बुधवार को यह अनुमान जताया गया।

मुंबई, 14 सितंबर आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) को प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियों में तेजी से वृद्धि के बावजूद 2022-23 में बैंकों के हाथों अपनी बाजार हिस्सेदारी गंवानी पड़ेगी। एक रिपोर्ट में बुधवार को यह अनुमान जताया गया।

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 2022-23 में एचएफसी की एयूएम (प्रबंधन के तहत परिसंपत्ति) वृद्धि 10-12 प्रतिशत रहेगी, जबकि वित्त वर्ष 2021-22 में यह आठ प्रतिशत थी।

एजेंसी ने कहा कि बैंकों की आक्रामक वृद्धि की तुलना में एचएफसी के एयूएम में तेज वृद्धि बाजार हिस्सेदारी को बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं होगी।

क्रिसिल के अनुसार एचएफसी खंड पिछले चार वित्त वर्षों से लगातार बैंकों के हाथों बाजार हिस्सेदारी गंवा रहा है और बैंकों के पास मार्च 2022 तक 62 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जो चार प्रतिशत अधिक है।

एजेंसी ने कहा कि बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की बैंकों की यह प्रवृत्ति निकट अवधि में बदलने वाली नहीं है।

क्रिसिल ने कहा कि एचडीएफसी बैंक के साथ एचडीएफसी लि. के विलय से बैंकों की बाजार हिस्सेदारी में और बढ़ोतरी होगी।

रिपोर्ट में कहा गया कि किफायती आवास खंड में एचएफसी अपेक्षाकृत तेजी से बढ़ रही है। यहां बैंकों से मिलने वाली प्रतिस्पर्धा सीमित है, और इस खंड में 2022-23 के दौरान 18-20 प्रतिशत वृद्धि देखी जाएगी।

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