ताजा खबरें | लोकसभा में उठी आंगनवाड़ी कर्मियों की सेवाएं स्थायी करने, मानदेय बढ़ाने की मांग

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. लोकसभा में कई दलों के सदस्यों ने सरकार से आंगनवाड़ी सहायिकाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति पर ध्यान देने, कर्मियों की सेवाएं स्थायी करने तथा मानदेय बढ़ाने की मांग की।

नयी दिल्ली, 16 दिसंबर लोकसभा में कई दलों के सदस्यों ने सरकार से आंगनवाड़ी सहायिकाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति पर ध्यान देने, कर्मियों की सेवाएं स्थायी करने तथा मानदेय बढ़ाने की मांग की।

सदन में गैर-सरकारी कामकाज के तहत बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के रितेश पांडेय द्वारा ‘आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायकों के लिए कल्याणकारी कदम’ पर पेश निजी संकल्प पर जारी चर्चा में हिस्सा लेते हुए भाजपा के गोपाल शेट्टी ने कहा कि आंगनवाड़ी सहायिकाओं ने सवास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी काम किया है।

उन्होंने कहा कि जब कोरोना महामारी के समय कोई काम करने आगे नहीं आता था, तब भी इन आंगनवाड़ी सहायिकाओं ने बहुत काम किया और कोविड टीकाकरण में भी सहयोग किया।

उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि आने वाले दिनों में स्वास्थ्य क्षेत्र की सभी केंद्रीय योजनाओं का दायरा बढ़ाने के लिए जल्द जनगणना पूरा किया जाए और आंगनवाड़ी सेविकाओं को स्थायी स्वास्थ्य कार्ड भी दिया जाए, भले ही 2011 की जनगणना में उनका नाम नहीं हो।

शेट्टी ने कहा कि अच्छा काम करने वाली आंगनवाड़ी सेविकाओं का चयन कर उन्हें एक-दो साल का प्रशिक्षण देकर नर्स बनाया जाए।

आईयूएमएल के अब्दुस्समद समदानी ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर उचित तरीके से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की योग्यता और भर्ती प्रक्रिया के लिए सख्त दिशानिर्देश होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश में कई आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति बहुत खराब है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा सरकार से आग्रह है कि उच्च तकनीक वाले आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए धन दिया जाए।’’

कांग्रेस के जसबीर गिल ने मांग की कि आंगनवाड़ियों की नौकरी पक्की की जानी चाहिए।

भाजपा के निहाल चंद ने आंगनवाड़ी सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने और उसे वेतन की तरह प्रदान किये जाने की मांग की।

चर्चा में भाग लेते हुए बहुजन समाज पार्टी के कुंवर दानिश अली ने कहा कि आंगनवाड़ी कर्मियों की स्थिति की सुधार की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कर्मियों को केरल में 12 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में उनकी स्थिति बहुत दयनीय है क्योंकि वहां उन्हें सिर्फ चार हजार रुपये मिलते हैं।

अली ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी कर्मियों के मानदेय को बढ़ाया जाए और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की सारी सुविधाएं उन्हें मुहैया कराई जाए।

सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि आंगनवाड़ी कर्मियों को कम मानदेय मिलता है। इतने कम पैसे में जीवन कैसे चलेगा? ऐसे में मानदेय बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिन हालात में ये कर्मी काम करती हैं, वो बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

चौधरी ने कहा कि आंगनवाड़ी कर्मियों के कौशल विकास के लिए सरकार को ध्यान देना चाहिए।

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