देश की खबरें | इंफाल घाटी में अफस्पा लगाने की मांग बेतुकी: सीओसीओएमआई

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इंफाल, 14 सितंबर इंफाल घाटी के विभिन्न नागरिक निकायों के प्रमुख संगठन कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटिग्रिटी (सीओसीओएमआई) ने कहा है कि घाटी में फिर से सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (अफस्पा) लागू करने की मांग “पूरी तरह बेतुकी” और “अतार्किक” है।

सीओसीओएमआई के मीडिया संयोजक सोमेंद्रो थोकचोम ने एक बयान में कहा, “कुकी समुदाय के इलाकों में फिरौती, जबरन वसूली और हत्या की घटनाएं हो रही हैं...उन सभी क्षेत्रों में शांति है जहां बहुत समय पहले अफस्पा हटा लिया गया था।”

सीओसीओएमआई ने कहा कि कुकी बहुल पर्वतीय इलाकों में मौजूदा संकट के शुरू होने के बाद बड़े पैमाने पर जबरन वसूली, राजमार्गों पर लूटपाट और अपहरण के मामले बढ़े हैं।

मंगलवार को खरम वैफेई के पास अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा तीन लोगों की हत्या कर दी थी। उसके बाद चुराचांदपुर स्थित इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) और कांगपोकपी स्थित कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (सीओटीयू) ने इंफाल घाटी में अफस्पा लगाने की मांग की थी।

अप्रैल 2022 में, केंद्र सरकार ने इंफाल घाटी के 15 थाना क्षेत्रों से अफस्पा हटा दिया था। इस साल मार्च में, मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने अन्य चार थाना क्षेत्रों से अफस्पा हटाने की घोषणा की थी।

मणिपुर सरकार ने आखिरी बार एक अप्रैल, 2023 को 19 थाना क्षेत्रों को छोड़कर पूरे राज्य में अधिनियम लागू रहने की अवधि छह महीने बढ़ा दी थी।

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