जरुरी जानकारी | डेलॉयट ने अडाणी पोर्ट के तीन सौदों पर ‘सवाल’ उठाया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. लेखा परीक्षक और परामर्श कंपनी डेलॉयट ने अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन के खातों पर अपनी टिप्पणी में तीन सौदों को लेकर सवाल खड़ा किया है। इसमें अनुबंधकर्ता से वसूली जाने वाली राशि शामिल है जिसका जिक्र हिंडनबर्ग रिपोर्ट में भी किया गया है।

नयी दिल्ली, 31 मई लेखा परीक्षक और परामर्श कंपनी डेलॉयट ने अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन के खातों पर अपनी टिप्पणी में तीन सौदों को लेकर सवाल खड़ा किया है। इसमें अनुबंधकर्ता से वसूली जाने वाली राशि शामिल है जिसका जिक्र हिंडनबर्ग रिपोर्ट में भी किया गया है।

डेलॉयट हासकिन्स एंड सेल्स ने वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष के ऑडिट के बारे में अपनी रिपोर्ट में तीन इकाइयों के साथ सौदे को रेखांकित किया है। इसके बारे में कंपनी का कहना है कि इन इकाइयों का समूह की कंपनियों से कोई लेना-देना नहीं है।

हालांकि, ऑडिटर ने कहा कि वह कंपनी के बयान को सत्यापित नहीं कर सकती क्योंकि इसके सत्यापन को लेकर कोई स्वतंत्र जांच नहीं हुई है।

अमेरिकी वित्तीय शोध और निवेश कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने 24 जनवरी को अपनी रिपोर्ट में अडाणी समूह पर धोखाधड़ी, शेयरों में हेराफेरी और मनी लांड्रिंग का आरोप लगाया था। इसके साथ उसने संबद्ध पक्षों के बीच लेन-देन को लेकर पर्याप्त खुलासे नहीं किये जाने की भी बात कही थी।

हालांकि, समूह ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए उसे पूरी तरह से आधारहीन बताया है।

डेलॉयट ने कहा कि अडाणी समूह ने अपने आकलन और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा चल रही जांच के कारण इन आरोपों की स्वतंत्र बाहरी जांच करना आवश्यक नहीं समझा।

लेखा परीक्षक कंपनी ने अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन के वित्तीय विवरण के नोट में कहा है, ‘‘समूह की तरफ से किया गया मूल्यांकन हमारे ऑडिट के उद्देश्यों के लिये पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं करता है।’’

उसने कहा कि स्वतंत्र रूप से बाहरी जांच के अभाव में और सेबी की जांच लंबित होने के कारण यह टिप्पणी नहीं कर सकता कि क्या कंपनी पूरी तरह से कानून का पालन कर रही थी।

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में कहा कि उसे नियामक के स्तर पर विफलता या अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों के दाम में गड़बड़ी को लेकर कोई संकेत नहीं मिले हैं।

डेलॉयट ने जिन सौदों का जिक्र किया है, उसमें इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण खरीद अनुबंध शामिल हैं। इसी बारे में हिंडनबर्ग रिपोर्ट में संबद्ध पक्षों के बीच लेन-देन की बात कही गयी है।

इसमें कहा गया है, ‘‘31 मार्च, 2023 तक की स्थिति के अनुसार उस अनुबंधकर्ता से शुद्ध रूप से 2,749.65 करोड़ रुपये वसूले जाने हैं।’’

इसके अलावा, कुछ अन्य पक्षों के साथ इक्विटी समेत वित्तीय लेन-देन के मामले थे। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में इसे संबद्ध पक्षों के बीच लेन-देन बताया गया है। हालांकि, समूह ने हमें जो जानकारी दी है, उसके अनुसार वे संबद्ध पक्ष नहीं है।

डेलॉयट ने वित्तीय लेन-देन के बारे में कहा कि इन मामलों में कोई बकाया शेष नहीं है

ऑडिटर ने कहा कि उसने कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत निर्दिष्ट ऑडिट मानकों के अनुसार लेखा परीक्षण का काम किया है।

रमण अजय

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

West Indies Women vs Australia Women, 2nd T20I Match Prediction: अहम मुकाबले में जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगी ऑस्ट्रेलिया महिला, घरेलू सरजमीं पर पलटवार करने उतरेगी वेस्टइंडीज महिला, मैच से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती है बाजी

New Zealand Women vs South Africa Women, 4th T20I Match Preview: कल न्यूजीलैंड महिला बनाम दक्षिण अफ्रीका महिला के बीच खेला जाएगा चौथा टी20 मुकाबला, मैच से पहले जानिए हेड टू हेड रिकॉर्ड्स, पिच रिपोर्ट, स्ट्रीमिंग समेत सभी डिटेल्स

New Zealand Women vs South Africa Women 4th T20I Match Live Streaming In India: न्यूजीलैंड महिला बनाम दक्षिण अफ्रीका महिला के बीच कल खेला जाएगा चौथा टी20 मुकाबला, यहां जानें भारत में कब, कहां और कैसे देखें लाइव मैच

New Zealand vs South Africa T20I Stats: टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक दूसरे के खिलाफ कुछ ऐसा रहा हैं न्यूजीलैंड बनाम दक्षिण अफ्रीका का प्रदर्शन, यहां देखें दोनों टीमों के आंकड़े

\