देश की खबरें | उच्च पार्टिकुलेट मैटर संकेंद्रण की सूची में दिल्ली के स्कूल, कॉलेज शीर्ष पर : आईआईटी अध्ययन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली में स्कूल और कॉलेज उन भवनों की सूची में शीर्ष पर हैं जहां उच्च पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) संकेंद्रण है। यह तथ्य भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली की घर के अंदर वायु गुणवत्ता पर किए गए अध्ययन में सामने आया है।
नयी दिल्ली, 19 फरवरी दिल्ली में स्कूल और कॉलेज उन भवनों की सूची में शीर्ष पर हैं जहां उच्च पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) संकेंद्रण है। यह तथ्य भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली की घर के अंदर वायु गुणवत्ता पर किए गए अध्ययन में सामने आया है।
अध्ययन के मुताबिक, भवनों में पीएम10 और पीएम 2.5 का संकेंद्रण स्तर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा तय सीमा से दो से पांच गुना अधिक रिकॉर्ड किया गया। सीपीसीबी द्वारा तय मानक पीएम 10 के लिए 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है जबकि पीएम 2.5 के लिए यह 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर है।
इसने दावा किया कि यह स्तर निगरानी किए गए भवनों के लिए डब्ल्यूएचओ के 24 घंटे की औसत सीमा (पीएम 10 और पीएम 2.5 के लिए क्रमश: 50 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर और 25 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर से 10 से 15 गुना ज्यादा है।
एमएक्यूयूआईडी (दिल्ली के शहरी इलाकों में वायु गुणवत्ता की निगरानी) परियोजना नाम से किया गया यह अध्ययन राष्ट्रीय राजधानी के 37 भवनों पर किया गया जिनमें स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, शॉपिंग मॉल, रेस्तरां, कार्यालय और सिनेमा हॉल शामिल हैं। अध्ययन 15 अक्टूबर 2019 से 30 जनवरी 2020 के बीच किया गया।
अध्ययन में कहा गया, ‘‘शैक्षणिक संस्थान (स्कूल और कॉलेज) उच्च पीएम संकेंद्रण की सूची में शीर्ष पर हैं। सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू सेवन वर्जित होने के बावजूद देखा गया कि लोग कार्यालयों, अस्पतालों और कॉलेजों में अक्सर धूम्रपान करते हैं। अस्पतालों और रेस्तरां में रासायनिक एजेंटों, फर्श साफ करने वाले तत्वों एवं खाद्य तेलों की वजह से टोटल वोलाटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड का स्तर भी उच्च मापा गया।’’
इसमें बताया गया कि अस्पतालों, कॉलेजों एवं कार्यालयों में कार्बन डाईऑक्साइड का स्तर भी उच्च पाया गया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)