देश की खबरें | दिल्ली उच्च न्यायालय ने शालीमार बाग में महिला पर हुए हमले को लेकर रिपोर्ट मांगी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले साल शालीमार बाग में एक महिला पर हुए हमले की घटना को “अफसोसजनक” करार देते हुए बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस से इस संबंध में एक रिपोर्ट मांगी।

नयी दिल्ली, 28 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले साल शालीमार बाग में एक महिला पर हुए हमले की घटना को “अफसोसजनक” करार देते हुए बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस से इस संबंध में एक रिपोर्ट मांगी।

न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में लोग “स्पष्ट रूप से पहचाने जाने योग्य” हैं और उन्होंने अपराधियों की पहचान के बारे में और इस मामले में कोई कार्यवाही शुरू किये जाने के विषय पर एक विस्तृत स्थिति रिपोर्ट मांगी।

उच्च न्यायालय इस घटना के संबंध में आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ कथित रूप से मानहानिकारक ट्वीट के संबंध में भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता की याचिका पर सुनवाई कर रहा है।

गुप्ता ने 29 जून के निचली अदालत के उस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया था, जिसमें कथित तौर पर एक आपत्तिजनक ट्वीट के लिए आप द्वारा मानहानि की शिकायत पर उन्हें समन जारी किया गया था।

ट्वीट से ऐसा अर्थ निकल रहा था कि राजनीतिक दल (आप) गुंडागर्दी में लिप्त है, महिला पर हमला किया है या हमले में शामिल है और “महिला सुरक्षा के मुद्दों को इरादतन व जानबूझकर नजरअंदाज किया गया।”

उच्च न्यायालय ने याचिका पर राज्य और आप को नोटिस जारी किया और उनका जवाब मांगा लेकिन निचली अदालत की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया।

उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता को सुनवाई की अगली तारीख पर वकील के माध्यम से निचली अदालत के समक्ष पेश होने से छूट दी जाएगी।

उच्च न्यायालय ने आदेश दिया, “इस बीच, प्रतिवादी संख्या 1 (राज्य) शालीमार बाग में हुई घटना के संबंध में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करे।”

अदालत ने कहा, “(घटना की सीसीटीवी फुटेज) एक अफसोसजनक स्थिति को दिखाता है। सीसीटीवी में दिख रहे व्यक्ति स्पष्ट रूप से पहचाने जाने योग्य हैं। राज्य अपराधी की पहचान के बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करे और यह बताये कि क्या कोई कार्यवाही शुरू की गई है या मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है।”

उच्च न्यायालय ने कहा कि अगर घटना के संबंध में कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है, तो रिपोर्ट में इसके लिए कारण बताए जा सकते हैं।

उच्च न्यायालय ने अतिरिक्त लोक अभियोजक अमित साहनी और आप को याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।

मामले में अगली सुनवाई 23 अगस्त को की जाएगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

\