देश की खबरें | दिल्ली उच्च न्यायालय ने तेजाब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से इनकार किया
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नयी दिल्ली, 27 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को शहर में तेजाब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से इनकार करते हुए कहा कि इससे उन कारोबारों तथा लोगों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है जिन्हें वैध उद्देश्यों के लिए इसकी जरूरत पड़ती है।
उसने दिल्ली सरकार को तेजाब की बिक्री के लिए मौजूदा नियमों तथा नियमनों को सख्ती से लागू करने तथा अपराध के लिए इसके दुरुपयोग को रोकने का निर्देश दिया।
उच्च न्यायालय ने कहा कि नियमों का पालन न किए जाने या तेजाब की गैरकानूनी बिक्री के मामलों में प्राधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ त्वरित तथा निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए।
इसने कहा कि तेजाब की गैरकानूनी बिक्री या दुरुपयोग में शामिल पाए जाने वाले लोगों पर सख्त जुर्माना लगाकर राज्य प्राधिकारी प्रभावी तरीके से इससे निपट सकते हैं।
अदालत ने कहा, ‘‘इस मुद्दे पर लगातार सतर्कता तथा अति सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है। एक नियामक तंत्र मौजूद है लेकिन हमें लगता है कि और कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। दिल्ली जहर कब्जा और बिक्री नियम, 2015 में ऐसे प्रावधान है जिसमें तेजाब की बिक्री ऐसे विक्रेताओं को करने की अनुमति दी गयी है जिन्हें लाइसेंस प्राधिकरण ने लाइसेंस दिया है। लाइसेंस केवल उन आवेदकों को दिया जाता है जो निर्धारित प्रावधानों का अनुपालन करते हैं।’’
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति संजीव नरुला की पीठ ने कहा, ‘‘इन प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए और राज्य को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि तेजाब अपराधियों के हाथों में न जाए। अत: 2015 के नियमों को हटाने या पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश देने के बजाय, हम दिल्ली सरकार को मौजूदा कानूनी रूपरेखा का उचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हैं।’’
उच्च न्यायालय का आदेश तेजाब हमले की पीड़िता की याचिका पर आया है जो ऐसे पीड़ितों की देखपाल, पुनर्वास, कानूनी सहायता और मुआवजा दिलाने में सक्रिय रूप से शामिल हैं। इस याचिका में दिल्ली की खुदरा दुकानों में तेजाब की खुली बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया गया है।
अदालत ने कहा कि तेजाब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध के अनपेक्षित नतीजे हो सकते हैं तथा इसका असर उन क्षेत्रों पर पड़ सकता है जहां तेजाब का जिम्मेदारीपूर्वक तथा सुरक्षित इस्तेमाल किया जाता है। उसने कहा कि जन सुरक्षा तथा उद्योगों और अन्य निगमित उद्देश्यों के लिए तेजाब का वैध इस्तेमाल महत्वपूर्ण है।
दिल्ली सरकार के स्थायी वकील संतोष कुमार त्रिपाठी और अधिवक्ता अरुण पंवार ने अदालत को आश्वस्त किया कि प्रदेश 2015 नियमों को सख्ती से लागू कर रहा है।
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