नयी दिल्ली, नौ मई दिल्ली सरकार अपनी ‘फूड ट्रक’ नीति पर काम कर रही है जिसे अगले कुछ महीनों में अंतिम रूप दिया जाएगा और जनता की प्रतिक्रिया के लिए रखा जाएगा। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
अधिकारियों के अनुसार, नीति के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ बैठकों की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि हितधारकों में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी), यातायात पुलिस और परिवहन विभाग शामिल हैं।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने ‘फूड ट्रक’ लगाने के लिए मेट्रो स्टेशन और पार्किंग स्थल को स्थलों के रूप में चिह्नित किया है। लेकिन यह देखना होगा कि इन ट्रक को परिवहन विभाग द्वारा किस श्रेणी के तहत रखा जा सकता है और दिल्ली में उनके चलने के नियम।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें दिल्ली मेट्रो और एमसीडी के बीच सहमति की भी आवश्यकता होगी क्योंकि हम इन ‘फूड ट्रक’ को मेट्रो स्टेशन और पार्किंग स्थलों पर खड़े करने की योजना बना रहे हैं।’’
इससे संबंधित रूपरेखा के बारे में अधिकारी ने कहा कि ‘फूड ट्रक’ उस स्थान पर आएंगे और वहां से जाएंगे जहां उन्हें खड़े होने की जगह दी जाएगी। वे रात के समय - रात 8 बजे से 2 बजे के बीच काम करेंगे।
अधिकारी ने कहा, ‘‘वर्तमान में दिल्ली में कोई ‘फूड ट्रक’ नहीं हैं। केवल ऐसी दुकानें हैं जिन्हें ट्रक का आकार दिया गया है, लेकिन ये उचित ‘फूड ट्रक’ होंगे।’’
पिछले साल पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ऐलान किया था कि सरकार ‘फूड ट्रक’ नीति तैयार कर रही है।
सरकार ने अनुमान लगाया था कि शहर में ‘फूड ट्रक’ व्यवसाय को बढ़ावा देने से नए रोजगार के कम से कम 15,000 अवसर पैदा होंगे।
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