देश की खबरें | दिल्ली सरकार पीयूसीसी केंद्र बंद करने वाले पेट्रोल पंप मालिकों के खिलाफ कार्रवाई पर कर रही विचार
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नयी दिल्ली, 22 जुलाई दिल्ली सरकार उन पेट्रोल पंप मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार कर रही है, जिन्होंने प्रस्तावित शुल्क वृद्धि से असंतुष्ट होकर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) केंद्रों को बंद कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
‘डेल्ही पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन’ (डीपीडीए) के आह्वान पर करीब 600 प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र केंद्र करीब एक सप्ताह से बंद हैं। डीपीडीए ने बताया कि प्रस्तावित शुल्क वृद्धि केंद्रों के परिचालन में आने वाली लागत के अनुकूल नहीं है।
परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘परिवहन विभाग उन डीलर के खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर रहा है, जिन्होंने इन केंद्रों को बंद कर दिया है और जनता को असुविधा हो रही है। पीयूसीसी केंद्रों के परिचालन के लिए एक अलग लाइसेंस जारी किया गया है। हम ईंधन स्टेशनों की एक सूची तैयार कर रहे हैं और सरकार सोच रही है कि क्या पीयूसीसी केंद्र संचालित करने के लिए उन्हें दिए गए लाइसेंस को निलंबित किया जाना चाहिए।’’
सूत्रों के मुताबिक, सूची परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत को दिखाई जाएगी और अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘सरकार द्वारा प्रस्तावित वृद्धि उपभोक्ताओं के साथ-साथ पेट्रोल पंप मालिकों के कल्याण को ध्यान में रखकर की गई है। हम एक को दूसरे पर प्राथमिकता नहीं दे सकते।’’
दिल्ली सरकार ने 11 जुलाई को लगभग 13 वर्षों के अंतराल के बाद पेट्रोल, सीएनजी और डीजल वाहनों के लिए पीयूसीसी शुल्क बढ़ा दिया। यह बढ़ोतरी 20 रुपये से 40 रुपये के बीच है।
गहलोत ने पहले कहा था कि नयी दरें सरकार द्वारा अधिसूचित होते ही प्रभावी हो जाएंगी।
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