नयी दिल्ली, 11 फरवरी राष्ट्रीय राजधानी की अरविंद केजरीवाल-नीत सरकार ने शनिवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से महरौली में अपना अतिक्रमण-रोधी अभियान रोकने को कहा और क्षेत्र में नये सिरे से सीमांकन प्रक्रिया की घोषणा की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने दावा किया कि डीडीए ने कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए राजस्व विभाग के सीमांकन को अपना आधार बनाया है।
उन्होंने बताया कि राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने महरौली में नये सिरे से सीमांकन का आदेश दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मंत्री ने कहा कि जब तक नये सिरे से सीमांकन नहीं हो जाता है, तब तक क्षेत्र के बाशिंदों को विस्थापित नहीं किया जा सकता।
हालांकि डीडीए अधिकारियों ने कहा कि अतिक्रमण-रोधी अभियान जारी रहेगा। प्राधिकरण ने शुक्रवार को महरौली पुरातात्विक उद्यान में यह अभियान शुरू किया था, जिसका स्थानीय लोगों ने जबर्दस्त विरोध किया।
अधिकारियों ने बताया कि नौ मार्च तक यह अभियान चलेगा।
एक बयान में गहलोत ने कहा कि डीडीए ने राजस्व विभाग के सीमांकन को अपने अतिक्रमण हटाओ अभियान का आधार बनाया, लेकिन दिल्ली सरकार ने कई कमियां पाने के बाद उस सीमांकन को रद्द कर दिया।
मंत्री ने कहा, ‘‘स्थानीय लोगों को अंधेरे में रखकर और उन्हें बिना कोई नोटिस जारी किये यह अतिक्रमण-रोधी अभियान चलाया गया है।’’
उन्होंने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट (दक्षिण) को जमीन का नये सिरे से सीमांकन करने एवं तत्काल डीडीए को इस बारे में सूचित करने को कहा गया है।
बयान में कहा गया है कि गहलोत को लाडो सराय गांव के कई बाशिंदों से प्रतिवेदन मिले हैं जिनकी जमीन अतिक्रमण-रोधी अभियान के दायरे में है।
डीडीए अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि महरौली पुरातात्विक उद्यान क्षेत्र में एक दिन पहले ‘अतिक्रमण-रोधी अभियान’ में करीब 1200 वर्गमीटर सरकारी जमीन वापस ली गयी।
यह कार्रवाई दक्षिण दिल्ली के इस पुरातात्विक उद्यान में होने वाली जी-20 बैठक से एक महीने पहले की गयी है।
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