ताजा खबरें | दिल्ली विधेयक चर्चा आठ रास

विधेयक का विरोध करते हुए शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत ने कहा ‘‘यह बहुत ही खतरनाक विधेयक है जिसका समर्थन करने का मतलब है लोकतंत्र की हत्या करना और संघीय ढांचे पर प्रहार करना।

उन्होंने कहा ‘‘दिल्ली में एक निर्वाचित सरकार है, विधानसभा है। दिल्ली की जनता ने मुख्य सचिव को वोट नहीं दिया है। भाजपा छह बार चुनाव हार गई और दिल्ली विधानसभा में उसके पांच विधायक भी नहीं है। यही वजह है कि वह ‘कब्जा’ चाहती है।’’

भाजपा के घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि कुछ तो वजह होगी कि आम आदमी पार्टी के समन्वयक आज अपने पुराने कई साथियों को खो चुके हैं।

उन्होंने कहा ‘‘आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को परस्पर सहयोग की शर्त पर इस विधेयक का समर्थन करने के लिए कहा है। लेकिन लोकसभा में यह विधेयक पारित हो गया है और अब राज्यसभा में भी पारित हो जाएगा जिसके बाद आप और कांग्रेस फिर एक दूसरे से मुंह फेर लेंगे, और विपक्षी गठबंधन बिखर जाएगा।’’

तिवाड़ी ने कहा कि दिल्ली के बारे में विवाद पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय से चला आ रहा है लेकिन विवाद ने आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद ही तूल पकड़ा।

उन्होंने कहा ‘‘ जरूरत तथा समय की मांग के अनुसार संविधान में संशोधन किया जाता है। खुद शाहबानो मामले में कांग्रेस ने संविधान संशोधन किया था और आज वह लोकतंत्र की दुहाई दे रही है।’’

तिवाड़ी ने कहा कि दिल्ली के साथ अन्याय होने की बात सही नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है और किसी भी देश की राजधानी को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

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