देश की खबरें | तीर्थ पुरोहितों का प्रतिनिधिमंडल जम्मू कश्मीर में हालात का जायजा लेने जाएगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. देश भर के तीर्थपुरोहितों से जुड़ी संस्था अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने जम्मू कश्मीर में तीर्थ पुरोहितों और कश्मीरी पंडितों के समक्ष आ रही परेशानियों का जायजा लेने के लिए अपना प्रतिनिधि मंडल श्रीनगर भेजने का फैसला किया है। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह जानकारी दी।
मथुरा (उप्र), 11 जून देश भर के तीर्थपुरोहितों से जुड़ी संस्था अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने जम्मू कश्मीर में तीर्थ पुरोहितों और कश्मीरी पंडितों के समक्ष आ रही परेशानियों का जायजा लेने के लिए अपना प्रतिनिधि मंडल श्रीनगर भेजने का फैसला किया है। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह जानकारी दी।
अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक चतुर्वेदी ने शनिवार को यहां बताया कि महासभा के करीब दो दर्जन पदाधिकारी संविधान की धारा 370 की समाप्ति के बाद जम्मू कश्मीर में बदली हुई परिस्थितियों में तीर्थपुरोहितों एवं कश्मीरी पंडितों के समक्ष आ रहीं निजी एवं पूजा अर्चना की व्यवस्था से जुड़़ी परेशानियों का जायजा लेने के लिए 14 जुलाई को श्रीनगर पहुंचेंगे।
उन्होंने बताया कि पदाधिकारियों का दल वहां 15 जुलाई को मट्टन अनन्तनाग स्थित सूर्यदेव की जन्मस्थली मार्तण्ड तीर्थ के दर्शन कर श्रीनगर लौट आएगा और अगले दिन गान्दरबल जिले में तुलमुल गांव में स्थित माता क्षीर भवानी (जिसे खीर भवानी के नाम से भी पुकारा जाता है) मंदिर के दर्शन कर श्रीनगर में आयोजित पदाधिकारियों की बैठक में भाग लेगा।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित शारदा सर्वज्ञ पीठम के जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अमृतानंद देवतीर्थ ने पत्र लिखकर प्रस्ताव रखा था कि जब कश्मीर में भी भगवान शंकर सहित हिन्दू धर्म के अनेक तीर्थस्थल हैं तो महासभा उसे कैसे भूल सकती है। इसलिए अच्छा होगा कि यदि इस वर्ष महासभा की कार्यकारिणी की बैठक यहीं आयोजित की जाए।
उन्होंने कहा कि पदाधिकारी इस वर्ष स्थिति का अवलोकन करेंगे और संभव हुआ तो अगले वर्ष महासभा की कार्यसमिति का अधिवेशन श्रीनगर में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महासभा के पदाधिकारी मथुरा, सोमनाथ, वेल्लूर, नासिक, प्रयागराज, राजगिरि, रामेश्वरम, वैद्यनाथ धाम, उज्जैन, वाराणसी, अयोध्या, त्रयम्बकेश्वर, कुरुक्षेत्र, द्वारका, गया, जगन्नाथ पुरी, भीमाशंकर, बिठूर, चार धाम आदि देश के सभी तीर्थों से 14 जुलाई को श्रीनगर पहुंचेंगे और तीन दिन के प्रवास के पश्चात 17 जुलाई को अपने-अपने स्थान के लिए वापस रवाना हो जाएंगे।
उन्होंने बताया, इस संबंध में जम्मू कश्मीर प्रशासन और राज्यपाल को सूचित किया जा चुका है और प्रशासन ने श्रीनगर जाने वाले महासभा के सभी पदाधिकारियों को पूरी सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)