ताजा खबरें | कोविड चर्चा 11 अंतिम रास

पुरी ने कहा कि सरकार पर आरोप लगाए गए कि कोरोना के शुरूआती मामले सामने के बाद उसने बीमारी पर काबू के लिए कुछ नहीं किया। पुरी ने सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले साल जब देश में लॉकडाउन लगाया गया था, उस समय देश में मास्क, वेंटिलेटर, पीपीई किट आदि का उत्पादन नहीं होता था। लेकिन सरकार के विभिन्न कदमों की वजह से आज देश इनका निर्यात कर रहा है।

उन्होंने विपक्षी नेताओं पर गलतबयानी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पहले तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के गिन-चुने देशों में से एक है जहां कोविड टीकों का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने टीका बनाने वाली भारतीय कंपनी भारत बायोटेक को शुरूआती मंजूरी दी थी, उस समय भी विपक्ष के कुछ नेताओं ने आपत्ति जतायी थी।

कांग्रेस के उप नेता आनंद शर्मा ने सरकार को नसीहत दी कि वह तथ्यों और आंकड़ों को नकारे नहीं, तभी भविष्य (तीसरी लहर) का सामना किया जा सकता है। शर्मा ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को ऐसे बच्चों के लालन पालन के लिए एक विशेष कोष बनाना चाहिए जिन्होंने कोविड के कारण अपने अभिभावकों को खो दिया है।

शर्मा ने कहा कि सदन में महामारी को लेकर होने वाली यह चर्चा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर की जानी चाहिए क्योंकि यह लाखों लोगों की पीड़ा से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा, ‘‘इसमें हमारे और आपके की बात नहीं बल्कि पूरे भारत की बात होनी चाहिए। अभी तक चर्चा में यह भावना देखने को नहीं मिली है।’’

शर्मा ने कहा कि हमें तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए और आंकड़ों को लेकर नहीं लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपने देश के वैज्ञानिकों, डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और दवा निर्माताओं पर गर्व है। उन्होंने कहा कि भारत को दवा निर्माता के रूप में आज नहीं बल्कि 1990 के दशक में विश्व के सबसे बड़े दवा निर्माता के रूप में पहचान मिली थी।

चर्चा में भाग लेते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के विनय विश्वम ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला वहीं भाजपा के अनिल जैन ने बीमारी से बचने के लिए टीकाकरण को महत्वपूर्ण बताया। जैन ने बीमारी पर काबू के लिए सरकार द्वारा किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे पास सीमित संसाधन थे लेकिन हमने उसे आपदा में अवसर बनाते हुए अब निर्यात करने की स्थिति में आ गए।

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि कोरोना से गांव-गांव के लोग भी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि इस बीमारी को लेकर राजनीति नहीं करनी चाहिए और मिलकर इसका मुकाबला करना चाहिए।

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