देश की खबरें | पीएम केयर्स पर न्यायालय का फैसला राहुल गांधी के ‘कुटिल’ मंसूबों को झटका: भाजपा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भाजपा ने पीएम केयर्स कोष के बारे में उच्चतम न्यायालय के ताजा निर्णय को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘‘कुटिल मंसूबों’’ को तगड़ा झटका करार देते हुए मंगलवार को दावा किया कि शीर्ष अदालत में इससे संबंधित याचिका के पीछे कांग्रेस नेता का ‘‘प्रायोजित षड्यंत्र’’ था।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 18 अगस्त भाजपा ने पीएम केयर्स कोष के बारे में उच्चतम न्यायालय के ताजा निर्णय को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘‘कुटिल मंसूबों’’ को तगड़ा झटका करार देते हुए मंगलवार को दावा किया कि शीर्ष अदालत में इससे संबंधित याचिका के पीछे कांग्रेस नेता का ‘‘प्रायोजित षड्यंत्र’’ था।

उच्चतम न्यायालय ने पीएम केयर्स कोष में आई दान की राशि को राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष (एनडीआरएफ) में स्थानांतरित करने संबंधी एक याचिका को मंगलवार को खारिज किया।

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भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने एक के बाद एक सिलसिलेवार ट्वीट कर राहुल गांधी पर हमला बोला तो केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पार्टी मुख्यालय में मोर्चा संभालते हुए प्रेस वार्ता में दावा किया कि मोदी सरकार ईमानदारी से काम करती है, इसलिए जनता का आशीर्वाद मिलता है और वही ईमानदारी पीएम केयर्स फंड में भी दिखाई देती है।

कुछ केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने भी इस मुद्दे पर राहुल गांधी को निशाने पर लिया।

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उच्चतम न्यायालय ने केंद्र को कोविड-19 से लड़ने के लिए पीएम केयर्स कोष में आई दान की राशि को राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष (एनडीआरएफ) में स्थानांतरित करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया।

उच्चतम न्यायालय ने यह फैसला गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘ सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनाया, जिसमें कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए पीएम केयर्स कोष में जमा राशि एनडीआरएफ में स्थानांतरित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।

नड्डा ने ट्वीट कर कहा, ‘‘पीएम केयर्स को लेकर उच्चतम न्यायालय का फैसला राहुल गांधी के कुटिल मंसूबों और उनके सहयोगियों की कोशिशों को तगड़ा झटका है। यह दर्शाता है कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों की दुर्भावना और द्वेषपूर्ण कोशिशों के बावजूद सत्य की चमक बरकरार रहती है।’’

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के हल्ला मचाकर दोषारोपण करने की आदत को जनता ने लगातार नकारा है और उसी जनता ने पीएम केयर्स कोष में दिल खोलकर दान किया है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘अब तो उच्चतम न्यायालय ने भी अपना फैसला सुना दिया है। क्या राहुल गांधी और तथाकथित कार्यकर्ताओं की उनकी टोली अब भी अपने तौर तरीकों में सुधार करेगी या आगे भी यूं ही शर्मिंदा होती रहेगी।’’

राहुल गांधी ने सोमवार को पीएम-केयर्स फंड को लेकर छपी एक खबर को साझा करते हुए ट्वीट किया था ‘‘पीएमकेयर्स फॉर राइट टू इम्प्रोबिटी (प्रधानमंत्री बेईमानों के अधिकारों की चिंता करते हैं।)’’

नड्डा ने आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा कोष को दशकों से व्यक्तिगत जागीर के रूप में संचालित किया और नागरिकों के श्रम से अर्जित धन, जो आपदा के समय देश के अन्य नागरिकों की मदद के लिए दिया गया था, को अपने परिवार के न्यासों को स्थानांतरित कर दिया ।

उन्होंने कहा, ‘‘देश बहुत अच्छी तरह से जानता है कि पीएम केयर्स फंड के खिलाफ झूठा अभियान कांग्रेस द्वारा अपने पापों को धोने का एक प्रयास है।’’

उल्लेखनीय है कि केंद्र ने 28 मार्च को आपात स्थितियों में प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं राहत (पीएम केयर्स) कोष की स्थापना की थी, जिसका प्राथमिक उद्देश्य कोविड-19 की वजह से उत्पन्न मौजूदा परिस्थिति से निपटना और प्रभावितों को राहत पहुंचाना था।

इस कोष के प्रधानमंत्री पदेन अध्यक्ष बनाए गए हैं और रक्षामंत्री, गृहमंत्री और वित्तमंत्री पदेन न्यासी हैं।

पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता प्रसाद ने राहुल गांधी पर कोरोना के खिलाफ देश की एकता को कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा कि पीएम केयर्स कोष संबंधी याचिका को खारिज कर उच्चतम न्यायालय ने एक ‘‘प्रायोजित षड्यंत्र’’ को निरस्त किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज जब पीएम केयर्स फंड पर यह फैसला आया है तो उनके (राहुल) द्वारा प्रायोजित षड्यंत्र को उच्चतम न्यायालय ने निरस्त किया है।’’

उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में राहुल गांधी ने पहले दिन से देश की एकता को कमज़ोर करने की कोशिश की। चाहे वह कोरोना योद्धाओं के सम्मान में ताली बजाए जाने का कार्यक्रम हो या फिर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाना या फिर दीप जलाना।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने इन सबका मजाक बनाया और अब पीएम केयर पर भी हमला करना... राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी।’’

उन्होंने बताया कि पीएम केयर्स कोष एक पंजीकृत पब्लिक ट्रस्ट है जिसके अध्यक्ष खुद प्रधानमंत्री हैं। पारदर्शी तरीके से इसका सदुपयोग हो रहा है और इस कोष से निवेश हो रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज उच्चतम न्यायालय ने भी इस पर मुहर लगाई है।’’

प्रसाद ने बताया कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पीएम केयर्स कोष से अब तक 3100 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसमें दो हजार करोड़ रू सिर्फ वेंटिलेटर के लिए दिए गए हैं।

उन्होंने बताया, ‘‘50,000 वेंटिलेटर, पीएम केयर्स फंड के द्वारा दिए गए पैसे से उपलब्ध कराए गए हैं। लगभग 1000 करोड़ राज्यों को दिए गए हैं, प्रवासी मजदूरों की व्यवस्था करने के लिए। लगभग 100 करोड़ दिए गए हैं कोरोना के खिलाफ वैक्सीन के अनुसंधान में मदद करने के लिए। 3100 करोड़ की बड़ी राशि कोरोना से लड़ाई के लिए दी गई है।’’

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में कथित तौर पर राजीव गांधी फाउंडेशन के लिए 100 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किए जाने और कांग्रेस पार्टी को चीन से मिले कथित फंड का जिक्र करते हुए प्रसाद ने कहा कि इस फाउंडेशन को कहां से क्या-क्या मदद मिली है, यह सभी जानते हैं।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को सत्ता में छह साल हो गए हैं लेकिन तथ्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाने की कोई हिम्मत नहीं हुई।

उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार ईमानदारी से काम करती है इसलिए जनता का आशीर्वाद मिलता है और वही ईमानदारी पीएम केयर्स फंड में भी दिखाई देती है।

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट किया, ‘‘झूठ पर टिकी उनकी दुनिया ज़्यादा दिन चलती नहीं, कितना भी पकड़ लो, कुछ लोगों की आदत बदलती नहीं।’’

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन ने ट्वीट किया, ‘‘पीएम केयर्स पर उच्चतम न्यायालय के फैसले से 'अलीबाबा और 40 चोर' की आंखें खुल जानी चाहिए, जो सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए बगैर पढ़े सवाल करते हैं।’’

उन्होंने कहा कि ‘‘अलीबाबा’’ को भी याद रखना चाहिए कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन शासन के दौरान कैसे प्रधानमंत्री राहत कोष को पारिवारिक कोष बनाकर देश की जनता की गाढ़ी कमाई को लूटा गया था।

भाजपा के संगठन महामंत्री बी एल संतोष ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने पीएम केयर्स कोष की वैधता को बरकरार रहा है। सरकार को पीएम केयर्स कोष में जमा राशि एनडीआरएफ में स्थानांतरित करने का निर्देश देने से इनकार किया है। अब उच्चतम न्यायालय की तरफ कीचड़ उछालने का नया दौर शुरू होगा।’’

ज्ञात हो कि केंद्र ने 28 मार्च को आपात स्थितियों में प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं राहत (पीएम केयर्स) कोष की स्थापना की थी, जिसका प्राथमिक उद्देश्य कोविड-19 की वजह से उत्पन्न मौजूदा परिस्थिति से निपटना और प्रभावितों को राहत पहुंचाना था।

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