देश की खबरें | फटी ‘ओएमआर शीट’ पाने वाली नीट अभ्यर्थी की याचिका पर अदालत का एनटीए से जवाब तलब
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) की 19-वर्षीया एक अभ्यर्थी की उस याचिका पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनटीए) का रुख जानना चाहा है, जिसमें उसने (अभ्यर्थी ने) फटी हुई ‘ओएमआर शीट’ दिये जाने के एवज में अनुग्रह अंक दिये जाने का अनुरोध किया है।
नयी दिल्ली, 25 मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) की 19-वर्षीया एक अभ्यर्थी की उस याचिका पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनटीए) का रुख जानना चाहा है, जिसमें उसने (अभ्यर्थी ने) फटी हुई ‘ओएमआर शीट’ दिये जाने के एवज में अनुग्रह अंक दिये जाने का अनुरोध किया है।
न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर ने संबंधित अभ्यर्थी की याचिका पर एनटीए और केंद्र को नोटिस जारी किये और उसका मूल ‘ऑप्टिकल मार्क रिकॉगनिशन’ (ओएमआर) शीट सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।
ओएमआर शीट परीक्षा के लिए एक पूर्व-मुद्रित पेपर सुरक्षा दस्तावेज है और इसमें उम्मीदवार की व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, जन्मतिथि आदि शामिल होता है।
अदालत ने 20 मई को पारित एक आदेश में कहा, ‘‘(मामले के) निपटारे के लिए आठ जुलाई 2024 को सूचीबद्ध किया जाए। प्रतिवादियों को इस मामले में याचिकाकर्ता से संबंधित मूल ओएमआर शीट को संरक्षित करने का निर्देश दिया जाता है।’’
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील तन्वी दुबे ने कहा कि वह पांच मई को नीट-यूजी (2024) परीक्षा में शामिल हुई थी और उसने पाया कि सील कवर, भौतिकी भाग के प्रश्न पत्र का पहला पृष्ठ और ओएमआर शीट लंबवत रूप से फटी हुई थी।
याचिकाकर्ता का दावा है कि उसे नया प्रश्न-पत्र और ओएमआर शीट लगभग 30 मिनट की देरी से दी गयी, लेकिन उस समय की भरपाई के लिए उसे केवल 10 अतिरिक्त मिनट दिए गए।
याचिका में आरोप लगाया गया कि एनटीए के कारण उन्हें परेशानी हुई। उसने दावा किया कि वह पुराने प्रश्न पत्र में पहले ही 60 प्रश्न हल कर चुकी थे और नये प्रश्न पत्र में सभी प्रश्नों को ध्यानपूर्वक एवं एकाग्रता के साथ ठीक से हल नहीं कर सकी।
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