देश की खबरें | न्यायालय ने मॉरीशस में भारतीय नागरिक को सुनाई गई 26 साल की कैद की सजा घटाने से किया इनकार
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नयी दिल्ली,11 जनवरी उच्चतम न्यायालय ने 152.8 ग्राम हेरोइन रखने को लेकर एक भारतीय नागरिक को मॉरीशस के शीर्ष न्यायालय द्वारा सुनाई गई 26 साल की कैद की सजा घटाने से मंगलवार को इनकार कर दिया।
कैदी स्वदेश वापसी अधनियम,2003 और मॉरीशस के साथ द्विपक्षीय संधि के तहत बाद में भारत भेज दिए गये शेख इश्तियाक अहमद ने 1994 के स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस)अधिनियम के तहत अपनी कैद की सजा घटा कर 10 साल करने का अनुरोध किया था।
न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ केंद्र की अपील स्वीकार कर ली, जिसमें कैद की सजा घटा कर 10 साल करने का निर्देश दिया गया था।
न्यायालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने सजा घटाने के अनुरोध को खारिज करने के लिए जो दलील दी वह 2003 के अधिनियम और भारत एवं मॉरीशस के बीच हुए समझौते के अनुरूप है।
पीठ ने कहा कि 2003 का अधिनियम कहता है कि इस कानून का उद्देश्य, दोषियों को स्वदेश भेजने का अवसर मुहैया करना है ताकि वह अपने परिवार के नजदीक रह सके और उसके पुनर्वास की बेहतर गुंजाइश हो।
अहमद को चार मार्च 2016 को मॉरीशस से भारत भेजा गया था और भारत पहुंचने पर उसने 26 साल की अपनी कैद की सजा को घटा कर 10 करने के लिए गृह मंत्रालय को एक अर्जी दी थी। हालांकि, मंत्रालय ने इसे खारिज कर दिया था, जिसे उसने बंबई उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने दो मई 2019 को उसकी याचिका स्वीकार कर ली थी और सजा घटाने का निर्देश दिया था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 11, 2022 10:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

