देश की खबरें | एफआरआई अधिकारियों से संबंधित फर्जी दस्तावेज मामले में अदालत ने पुलिस को जांच का आदेश दिया
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नयी दिल्ली, 10 फरवरी देहरादून की एक अदालत ने वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) के अधिकारियों से संबंधित कथित फर्जी दस्तावेज मामले में पुलिस को जांच करने का आदेश दिया है।
मामला वर्ष 2017 का है।
एफआरआई के पूर्व कर्मी एवं संस्थान की एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के पति हिलालुद्दीन ने एफआरआई के तत्कालीन रजिस्ट्रार ए के त्रिपाठी, तत्कालीन वायस चांसलर डॉ. सविता (अब हिमाचल प्रदेश में पदस्थ) और तत्कालीन सचिव, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) राजीव कुमार तिवारी के खिलाफ अदालत से संपर्क किया था।
उन्होंने आरोप लगाया था कि आईसीएफआरई के महासचिव को एफआरआई की तत्कालीन वायस चांसलर सविता की नियुक्ति से जुड़ी उनकी शिकायत से जुड़े लंबित मामले के जवाब में त्रिपाठी ने 2017 में फर्जी दस्तावेज जमा किए थे।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि फर्जी दस्तावेज सविता और तिवारी की ओर से जमा किया गया।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवींद्र देव मिश्रा ने शिकायत पर सुनवाई के बाद गांधी कैंट के थाना प्रभारी को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 202 के तहत आरोपों की जांच करने और 26 मार्च तक रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया।
संपर्क किए जाने पर सविता और तिवारी से कोई जवाब नहीं मिला।
वहीं, त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।
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