देश की खबरें | न्यायालय ने दंगे में संलिप्तता के आरोपी कैब ड्राइवर को जमानत दी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले साल फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगा भड़काने की साजिश रचने और हिंसा के दौरान एक पुलिस अधिकारी की मौत से जुड़े मामले में गिरफ्तार एक कैब ड्राइवर को मंगलवार को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि आरोपी के कॉल विवरण रिकॉर्ड (सीडीआर) के मुताबिक वह उस इलाके में नहीं था, जहां पर यह घटना हुई थी।
नयी दिल्ली, 16 फरवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले साल फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगा भड़काने की साजिश रचने और हिंसा के दौरान एक पुलिस अधिकारी की मौत से जुड़े मामले में गिरफ्तार एक कैब ड्राइवर को मंगलवार को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि आरोपी के कॉल विवरण रिकॉर्ड (सीडीआर) के मुताबिक वह उस इलाके में नहीं था, जहां पर यह घटना हुई थी।
यह मामला पिछले साल दंगों के दौरान चांदबाग इलाके में तैनात पुलिस की एक टीम पर भीड़ के हमले से जुड़ा है। हमले में हेड कांस्टेबल रतनलाल की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी और एक डीसीपी समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे।
उच्च न्यायालय ने कहा कि घटना के दिन 24 फरवरी 2020 को आरोपी कैब ड्राइवर मोहम्मद दानिश के सीडीआर के मुताबिक वह वजीराबाद इलाके के आसपास के क्षेत्र में भी नहीं था।
अदालत ने कहा कि सीडीआर के मुताबिक आरोपी के मोबाइल से घटना के वक्त किसी भी दूसरे आरोपी को कॉल नहीं की गयी थी।
न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने कहा, ‘‘आरोपी की संलिप्तता से जुड़ा कोई सीसीटीवी फुटेज या वीडियो भी नहीं है।’’
अदालत ने कहा, ‘‘उपरोक्त तथ्यों पर विचार करते हुए और चूंकि आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है, इसलिए याचिकाकर्ता से आगे जांच की कोई जरूरत नहीं है और मुकदमे में समय लगेगा इसलिए याचिकाकर्ता जमानत पाने का हकदार है।’’
अदालत ने 20,000 रुपये की जमानत राशि और इतनी राशि के ही मुचलके पर आरोपी की जमानत मंजूर कर ली।
अदालत ने दानिश से मुकदमे के दौरान अभियोजन के गवाहों को प्रभावित नहीं करने का निर्देश दिया और मामले में जमानत के अनुरोध वाली उसकी याचिका का निपटारा कर दिया।
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