नयी दिल्ली, 13 जून राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने केंद्रीय मंत्रियों का करीबी होने और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से जुड़े होने का दावा कर लोगों से कथित रूप से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में संजय प्रकाश राय की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत मंगलवार को 16 जून तक बढ़ा दी।
अवकाशकालीन न्यायाधीश अपर्णा स्वामी ने कहा, ‘‘मैंने आवेदन के साथ-साथ रिकॉर्ड का भी अध्ययन किया है... आरोपी संजय प्रकाश राय से हिरासत में पूछताछ के लिए हिरासत अवधि बढ़ाने संबंधी अर्जी में दिए गए कारणों/आधारों को ध्यान में रखते हुए तीन दिन की पुलिस हिरासत बढ़ाई जाती है।’’
अदालत ने संघीय एजेंसी की ओर से दायर एक अर्जी पर यह आदेश पारित किया।
राय ने कथित तौर पर खुद को केंद्र के शीर्ष नेताओं और मंत्रियों तथा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के करीबी के तौर पर पेश किया था और डालमिया फैमिली ऑफिस ट्रस्ट से दान के रूप में एक बैंक खाते में छह करोड़ रुपये प्राप्त किए थे।
ईडी की ओर से अधिवक्ता फैजान खान के साथ पेश विशेष लोक अभियोजक एन.के. मट्टा ने एक अर्जी दायर कर दावा किया था कि 12 जून को उन कंपनियों के कार्यालय सहित उन 17 परिसरों पर छापे मारे गये थे, जिनमें अभियुक्त का या तो वित्तीय हित शामिल था या जहां अभियुक्त अंतिम लाभार्थी था। उन्होंने कहा कि इन छापों के दौरान जांच की दृष्टि से महत्वपूर्ण कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड बरामद किए गए थे।
ईडी ने अदालत को बताया, ‘‘जब्त किये गये व्यापक डिजिटल /भौतिक दस्तावेजों के बारे में पूछताछ के लिए आरोपी की हिरासत जरूरी है।’’
ईडी ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर मामला दर्ज किया था।
उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने जालसाजी के एक मामले में 26 अप्रैल को राय को लखनऊ से गिरफ्तार किया था। राय और उसके सहयोगियों ने पीएमओ का हवाला देकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कथित रूप से कई स्रोतों, व्यक्तियों और संगठनों से करोड़ों रुपये इकट्ठा किये थे।
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