देश की खबरें | अदालत ने भायखला जेल में महामारी के खिलाफ उठाये गये कदमों की जानकारी मांगी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और महाराष्ट्र सरकार से यहां भायखला महिला जेल में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सामाजिक दूरी के नियमों और अन्य कदमों को उठाये जाने के बारे में जानकारी मांगी।

मुंबई, 10 जुलाई बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और महाराष्ट्र सरकार से यहां भायखला महिला जेल में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सामाजिक दूरी के नियमों और अन्य कदमों को उठाये जाने के बारे में जानकारी मांगी।

एल्गार परिषद मामले में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता और वकील सुधा भारद्वाज इसी जेल में बंद हैं।

यह भी पढ़े | पाकिस्तान ने सीमा पर की नापाक हरकत, सीजफायर का उल्लंघन करते हुए नौशेरा सेक्टर में दागे मोर्टार: 10 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

अदालत भारद्वाज की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उनकी जमानत अर्जी को खारिज करने के विशेष अदालत के आदेश को चुनौती दी गयी है। भारद्वाज सितंबर 2018 से जेल में बंद हैं।

न्यायमूर्ति एस एस शिंदे की अध्यक्षता वाली पीठ ने अधिकारियों को जेल के हालात तथा स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा उपायों पर 17 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया जिस दिन अगली सुनवाई होगी।

यह भी पढ़े | CBSE Syllabus Row: सीबीएसई ने बताया क्यों और किस आधार पर कम किया गया कोर्स.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के लिए विशेष अदालत ने इस साल 29 मई को भारद्वाज को जमानत देने से इनकार कर दिया जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया।

उन्होंने जेलों में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के खतरे का हवाला देते हुए स्वास्थ्य आधार पर जमानत मांगी थी।

याचिका में कहा गया कि भारद्वाज मधुमेह से पीड़ित हैं और उन्हें उच्च रक्तचाप की भी समस्या है जिससे उन्हें भायखला जेल में संक्रमण होने का अधिक खतरा है। इस जेल में एक कैदी को मई में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी।

अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल अनिल सिंह और एनआईए के वकील संदेश पाटिल ने शुक्रवार को अदालत से कहा कि भारद्वाज की सेहत स्थिर है। उन्हें जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

भारद्वाज को 31 दिसंबर 2017 को पुणे में एल्गार परिषद के सम्मेलन के सिलसिले में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\