देश की खबरें | लक्षद्वीप सांसद की दोषसिद्धि, सजा को निलंबित करने के व्यापक प्रभाव होंगे: केंद्र शासित प्रदेश ने कहा

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नयी दिल्ली, छह फरवरी केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के प्रशासन ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि हत्या के प्रयास के मामले में लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फैजल की दोषसिद्धि एवं सजा को केरल उच्च न्यायालय द्वारा निलंबित करने के व्यापक प्रभाव होंगे।

केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति के एम जोसेफ और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ को बताया कि उच्च न्यायालय ने फैजल की दोषसिद्धि और सजा को निलंबित करके गलती की है।

मेहता ने कहा, ‘‘दोषसिद्धि और सजा का निलंबन एक अपवाद है और नियम नहीं है। इस अदालत के कई निर्णय हैं, जिसमें कहा गया है कि जघन्य अपराध में दोषी ठहराए जाने के बाद एक जनप्रतिनिधि अयोग्य हो जाता है। उच्च न्यायालय के इस आदेश पर यदि रोक नहीं लगाई जाती है, तो इसके व्यापक प्रभाव होंगे।’’

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने दोषसिद्धि को इस आधार पर निलंबित कर दिया है कि अगर फैजल की अयोग्यता के बाद चुनाव होते हैं, तो इसका असर सरकारी खजाने और शुरू किए गए विकास कार्यों पर पड़ेगा।

मेहता ने कहा, ‘‘इसका जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 की कठोरता पर प्रभाव पड़ेगा।’’

पीठ ने हालांकि, मामले पर अगली सुनवायी की तारीख 13 फरवरी को निर्धारित की और मेहता से उन फैसलों को रिकॉर्ड में पेश करने के लिए कहा, जिनका वह उल्लेख कर रहे हैं।

उच्चतम न्यायालय ने 30 जनवरी को हत्या के प्रयास के एक मामले में लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फैजल की दोषसिद्धि निलंबित करने के केरल उच्च न्यायालय के 25 जनवरी के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र शासित प्रदेश की याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जतायी थी।

लोकसभा सचिवालय द्वारा 13 जनवरी को जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, फैजल को कवारत्ती में एक सत्र अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने की तारीख, 11 जनवरी से लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिया गया था।

इसके बाद, केरल उच्च न्यायालय ने 25 जनवरी को फैजल की दोषसिद्धि एवं सजा को उसके समक्ष दायर अपील का निपटारा होने तक यह कहते हुए निलंबित कर दिया था कि ऐसा नहीं करने पर उनकी रिक्त सीट के लिए फिर से चुनाव होंगे, जिससे सरकार और जनता पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा।

अधिवक्ता अक्षय अमृतांशु के जरिए दायर याचिका में केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने कहा है कि अंतरिम आदेश के माध्यम से उच्च न्यायालय ने उसके समक्ष लंबित अपील का निस्तारण होने तक फैजल की दोषसिद्धि और सजा को निलंबित कर दिया है।

याचिका में कहा गया है, ‘‘मौजूदा मामले में प्रतिवादी संख्या एक (फैजल) अपनी सजा को निलंबित करने के लिए किसी भी असाधारण परिस्थिति को पेश करने में विफल रहा और उच्च न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि एवं सजा के निलंबन के लिए निर्धारित कारण सीआरपीसी की धारा 389 के तहत आने वाले अधिकार क्षेत्र से परे है।’’

इस बीच, केरल उच्च न्यायालय द्वारा फैजल की दोषसिद्धि और सजा की तामील को निलंबित करने के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने 30 जनवरी को लक्षद्वीप का लोकसभा उपचुनाव रोक दिया।

आयोग ने हाल में उपचुनाव कराने की घोषणा की थी और यह 27 फरवरी को होना था। एक सत्र अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के आधार पर फैजल को अयोग्य ठहराए जाने के बाद उपचुनाव की घोषणा की गई थी।

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