नयी दिल्ली, 24 अप्रैल कांग्रेस ने खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे आंदोलनकारी पहलवानों का सोमवार को समर्थन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ने को कहा।
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस प्रमुख नेटा डिसूजा यहां जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल पहुंचीं।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वह मंगलवार को पहलवानों से मिलेंगे जबकि उनके बेटे एवं कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग की।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘मोदी जी चुप्पी तोड़ो। देश का परचम दुनिया में लहराने वाले खिलाड़ी जंतर-मंतर पर 'यौन उत्पीड़न' के खिलाफ बैठे हैं, पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। याद रहे विनेश फोगाट ने अक्टूबर 2021 में अपने परिवार के साथ जाकर प्रधानमंत्री को फेडरेशन में हो रहे यौन शोषण के बारे में बताया था।।’’
प्रदर्शनकारी पहलवानों ने सोमवार को धमकी दी कि अगर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई तो वे उच्चतम न्यायालय की शरण में जाएंगे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए खेल मंत्रालय द्वारा गठित जांच समिति से भी रिपोर्ट मांगी है।
पहलवानों के जंतर-मंतर पर इस मुद्दे को लेकर तीन दिन के धरने के बाद जनवरी में डब्ल्यूएफआई प्रमुख एवं भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए निगरानी समिति की घोषणा की गई थी।
रविवार को कई राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता पहलवानों ने स्थल पर अपना धरना फिर से शुरू कर दिया और सरकार से निगरानी समिति के निष्कर्षों को सार्वजनिक करने की मांग की।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, ‘‘यह बड़े अफसोस की बात है कि देश का नाम रोशन करने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को धरने पर बैठना पड़ रहा है, उन्हें न्याय मिलना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि वह मंगलवार को दिल्ली के जंतर मंतर स्थित धरना स्थल आएंगे और प्रदर्शनकारी पहलवानों से मिलेंगे।
महिला कांग्रेस प्रमुख नेता डिसूजा ने कहा, ‘‘देश का नाम रोशन करने वाली इन बेटियों के साथ गलत हुआ, गलत के खिलाफ आवाज उठाई, लेकिन मिला क्या।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘न्याय मिलने के बजाय, उनकी आंखों में आंसू हैं और महिला सुरक्षा पर बड़े-बड़े दावे करने वाले प्रधानमंत्री और उनकी मंडली भाजपा सांसद को बचाने के लिए चुपचाप बैठी है।’’
डिसूजा ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी, आपको इन बेटियों के एक-एक आंसू का हिसाब देना होगा, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया।’’
पार्टी नेता दीपेंदर सिंह हुड्डा ने प्रदर्शनकारी पहलवानों की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष पर लगे आरोपों को लेकर पिछले तीन महीने से न्याय की मांग कर रहे खिलाड़ियों के सम्मान को दलगत राजनीति के नजरिए से कैसे देखा जा सकता है।’’
पुलिस ने कहा है कि भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के खिलाफ अब तक सात शिकायतें मिली हैं और उन सभी की जांच की जा रही है।
खेल मंत्रालय ने सोमवार को डब्ल्यूएफआई के निर्धारित 7 मई के चुनावों पर रोक लगा दी और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को इसके गठन के 45 दिनों के भीतर चुनाव कराने के लिए एक तदर्थ समिति गठित करने और खेल निकाय का प्रबंधन करने के लिए कहा।
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