देश की खबरें | कांग्रेस आत्ममुग्धता से ग्रस्त, लोकसभा चुनाव से पहले आंतरिक कलह से उबरने की जरूरत: अभिषेक बनर्जी

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कोलकाता, चार दिसंबर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को दावा किया कि तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने वाली कांग्रेस आत्ममुग्धता से पीड़ित है और उससे अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले अपनी “आंतरिक कलह” से निपटने का आह्वान किया।

कांग्रेस को तीन हिंदी भाषी राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलनी पड़ी और केवल दक्षिणी राज्य तेलंगाना में उसे जीत हासिल हुई।

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव बनर्जी ने विपक्ष को एकजुट करने के लिए “केवल बयानबाजी के बजाय ठोस कार्रवाई” की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि अगर विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद दूर हो गए होते तो नतीजे कुछ और हो सकते थे।

बनर्जी ने कहा, “मैं किसी को दोष नहीं देना चाहता, लेकिन इतना कहूंगा कि कांग्रेस के कई नेता आत्ममुग्धता और अहंकार से ग्रस्त हैं। वे योग्य लोगों को अवसर नहीं दे रहे हैं और सुर्खियों में बने रहने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस की कमी यह है कि योग्य कार्यकर्ताओं को काम करने का मौका नहीं दिया गया और सक्षम लोगों को किनारे कर दिया गया।”

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के प्रमुख घटक टीएमसी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले बनर्जी ने सहयोगात्मक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया और सभी से राजनीतिक अहंकार को अलग रखने और अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत और सक्षम व्यक्तियों को चुनाव लड़ने का मौका देने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस में जो लोग एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ लड़ना चाहते हैं, उनके लिए मैं कहूंगा कि ज्यादा समय नहीं बचा है। सभी को एक साथ लाने के प्रयास को गति मिलनी चाहिए। यह उनके शब्दों में नहीं बल्कि कार्यों में झलकना चाहिए।”

राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को मिली हार का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को दूर किया जाना चाहिए था और इससे नतीजे बदल सकते थे। उन्होंने कहा कि आंतरिक प्रतिद्वंद्विता का समाधान कर नुकसान को रोका जा सकता था।

बनर्जी ने कांग्रेस से हार का कारण बनीं “गलतियों से सीखने” और आगामी लोकसभा चुनाव में मजबूत लड़ाई के लिए तैयार रहने का आग्रह किया।

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