देश की खबरें | कांग्रेस ने मोदी की “बात मानने” के लिए पटनायक पर निशाना साधा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने नए संसद भवन के उद्घाटन समेत सभी अवसरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “बात मानने” के लिए बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) और उसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर निशाना साधा।

भुवनेश्वर, 25 मई कांग्रेस ने नए संसद भवन के उद्घाटन समेत सभी अवसरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “बात मानने” के लिए बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) और उसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर निशाना साधा।

हालांकि बीजद ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर “गैर जरूरी मुद्दे” पर राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही राष्ट्रपति चुनाव के दौरान पार्टी की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि पटनायक का 27 मई को राष्ट्रीय राजधानी का दौरा करने और नीति आयोग की शासकीय परिषद की बैठक में भाग लेने का कार्यक्रम है।

हालांकि, अगले दिन पटनायक के संसद भवन उद्घाटन समारोह में शामिल होने को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। समारोह में बीजद के लोकसभा और राज्यसभा सांसद शामिल होंगे।

ओडिशा कांग्रेस विधायक दल के नेता नरसिंह मिश्रा ने 28 मई को दिल्ली में होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम में बीजद के शामिल होने के फैसले के लिए पटनायक पर निशाना साधा और कहा कि मोदी जो भी कहते हैं, पटनायक उसका पालन करते हैं।

मिश्रा ने कहा, “अधिक परेशान करने वाली बात यह है कि पटनायक, जिन्होंने पिछले साल राष्ट्रपति चुनाव के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी बहन और मिट्टी की बेटी बताया था, वह अब नए संसद भवन के उद्घाटन में शामिल होने का फैसला करके उनका अपमान करने में भाजपा का साथ दे रहे हैं।”

गैर-भाजपा दलों ने मांग की है कि नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति मुर्मू से कराया जाना चाहिए न कि प्रधानमंत्री मोदी से।

मिश्रा ने कहा, “निर्णय लेकर पटनायक ने साबित कर दिया है कि वह हमेशा मोदी की इच्छा का पालन करेंगे।”

बीजद के वरिष्ठ नेता और विधायक अमर प्रसाद सतपथी ने मिश्रा के आरोप को खारिज करते हुए कांग्रेस पर गैर जरूरी मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और तृणमूल कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति चुनाव में मुर्मू का विरोध जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा का समर्थन किया था।

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