देहरादून, 22 अगस्त कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार पर अपने पूंजीपति मित्रों को संरक्षण देने तथा विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के दुरूपयोग का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को इसके विरोध में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा और उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजपुर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय से क्रॉस रोड स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दफ्तर तक जुलूस निकाला और उसका घेराव किया।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे भी लगाए।
इस मौके पर माहरा ने संवाददाताओं से कहा कि हिंडनबर्ग ने देश की जनता की गाढ़ी कमाई के अरबों रूपए के घोटाले का खुलासा किया है।
उन्होंने कहा, ''इस रिपोर्ट ने मोदी-अदाणी गठजोड़ की पोल खोल दी है। कांग्रेस पार्टी केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा अपने पूंजीपति मित्रों पर जनता के पैसे को लुटाने का कड़ा विरोध करती है और मांग करती है कि मोदी-सेबी-अदाणी घोटाले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति गठित की जाए।''
कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सरकार की 'जनविरोधी नीतियों' की मुखालफत करने वाले विपक्षी दलों के नेताओं को परेशान करने के लिए जिस तरह से केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरूपयोग किया जा रहा है, उससे इन एजेंसियों की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार की ऐसी नीतियों की कड़ी निंदा करती है।
माहरा ने कहा कि मोदी सरकार के पिछले दो साल के कार्यकाल में महंगाई और बेरोजगारी अपने शीर्ष पर पहुंच गयी है जबकि महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों में भी वृद्धि हुई है।
विरोध प्रदर्शन के बाद माहरा तथा पूर्व प्रदेश पार्टी अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रदेश के पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, हरक सिंह रावत, नवप्रभात, राज्य पार्टी उपाध्यक्ष मथुरादत्त जोशी, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा सहित अनेक नेताओं ने अपनी गिरफ्तारी भी दी।
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