तिरुवनंतपुरम, 11 फरवरी कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कोल्लम जिले में हाल में कथित रूप से वित्तीय दबाव के चलते एक साक्षरता कर्मी की आत्महत्या को लेकर शनिवार को केरल की वाम मोर्चा सरकार की आलोचना की और ‘साक्षरता प्रेरकों’ के लंबित मानदेय के वितरण में उसके हस्तक्षेप की मांग की।
कोल्लम जिले के पठनापुरम के पुरस्कार विजेता साक्षरता कर्मी बिजूमोन ने नौ फरवरी को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। वह पिछले कई वर्षों से केरल राज्य साक्षरता मिशन के तहत ‘साक्षरता प्रेरक’ के रूप में काम कर रहे थे।
स्तब्ध करने वाली यह घटना तब हुई है, जब यहां सचिवालय के सामने उनके साथी साक्षरता कर्मियों का आंदोलन 80 दिनों से अधिक समय से चल रहा है। ये लोग लंबित मानदेय को यथाशीघ्र वितरित करने की मांग कर रहे हैं।
बिजूमोन के परिवार के सदस्यों एवं दोस्तों ने आरोप लगाया कि पिछले छह महीने से मानदेय नहीं मिलने की वजह से वह गहरे अवसाद में थे और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने की जद्दोजहद कर रहे थे।
इस घटना को ‘पीड़ादायक’ करार देते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को पत्र लिखकर उनसे आंदोलनरत कर्मियों को शीघ्र वेतन देने की मांग की।
उन्होंने सरकार से मृत साक्षरता कर्मी के परिवार की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की भी मांग की।
भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर सरकार की आलोचना की और उससे साक्षरता कर्मियों को अविलंब लंबित मानदेय देने की अपील की।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने भूकंप प्रभावित तुर्किये और सीरिया के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा करने के बजाय आंदोलनरत साक्षरता कर्मियों का बकाया वेतन देने की अपील की।
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