जरुरी जानकारी | कंपनियों को खर्च या शुल्क सृजन/संशोधन के फार्म दाखिल करने की समय सीमा में ढील

नयी दिल्ली, 17 कोरोना वायरस महामारी को देखते हुये सरकार ने कंपनियों को शुल्कों के सृजन और उनमें बदलाव संबंधी फार्म जमा कराने की समय सीमा में ढील दी है।

कार्पोरेट कार्य मंत्रालय ने कंपनी कानून के तहत इस तरह के फार्म दाखिल करने में विलंब को फिलहाल क्षमा करने का फैसला किया है। कंपनी के बुधवार को इस संबंध में जारी सुर्कलर में कहा गया है समयसीमा में राहत पाने के लिये कई ज्ञापन प्राप्त होने के बाद कंपनी कानून 2013 के तहत शुल्कों के सृजन और उनमें सुधार संबंधी फार्म दाखिल करने की समयसीमा के मामले में ढील देने की योजना शुरू की गई है।

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नांगिया एंटरसेन एलएलपी में भागीदार संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि कार्पोरेट कार्य मंत्रालय ने इस तरह के फार्म दाखिल करने की 30 दिन की समयसीमा में एक मार्च से लेकर 30 सितंबर तक सात माह के समय को छोड़ दिया है।

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस महामारी और उसके कारण लगाये गये लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। महामारी के बीच उत्पन्न चुनौतियों के कारण कई कंपनियां कोष जुटाने के लिये रिण पत्रों के रास्ते को अपना रहीं हैं।

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झुनझुनवाला ने कहा, ‘‘इस तरह के रिण में शुल्कों या खर्च का सृजन अहम होता है लेकिन इन शुल्कों को कंपनी रजिस्ट्रार के पास तय समय सीमा का पालन करते हुये रजिस्टर करा देना लॉकडाउन की उठापटक की अवधि के दौरान काफी चुनौतीपूर्ण हो गया।’’

हालांकि, सलाहकार कंपनी बीडीओ इंडिया में ट्रांजेक्शन टैक्स (टैक्स एवं नियामकीय सेवाओं) के भागीदार एवं लीडर राजेश ठक्कर ने कहा कि योजना के तहत शुल्कों के सृजन एवं उनमें बदलाव के बारे में सूचना देने में देरी को लेकर राहत दी गई है लेकिन शुल्कों की संतुष्टि के मामले में ऐसी कोई राहत नहीं दी गई है। ‘‘सरकार को इस मामले में भी राहत के बारे में विचार करना चाहिये।’’

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