देश की खबरें | कोयला घोटाला : उच्चतम न्यायालय ने पूर्व एएसजी मनिंदर सिंह, वकील राजेश बत्रा को ईडी मामलों में एसपीपी नियुक्त किया
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नयी दिल्ली, 16 अप्रैल उच्चतम न्यायालय ने पूर्व अतिरिक्त सालिसीटर जनरल मनिंदर सिंह और वकील राजेश बत्रा को प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से दायर कई करोड़ रुपये के कोयला घोटाला मामले में विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) नियुक्त किया है।
शीर्ष अदालत ने वरिष्ठ वकील आर. एस. चीमा को 2014 में एसपीपी नियुक्त किया था, जिन्होंने अपनी उम्र और सहयोग करने वाले विधि अधिकारियों की कमी का हवाला देते हुए जिम्मेदारी से मुक्त करने का आग्रह किया है।
प्रधान न्यायाधीश एस. ए. बोबडे, न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यन की पीठ ने कहा कि हालांकि किसी के नाम पर सहमति नहीं बन पाई लेकिन पेश होने वाले सभी पक्षों के वकीलों ने इस बात पर सहमति दी कि उच्चतम न्यायालय को ईमानदार छवि के निचली अदालत के अनुभवी वकील को नियुक्त करना चाहिए और उनका मार्गदर्शन करने एवं कार्यवाहियों के संचालन के लिए एक वरिष्ठ वकील को नामित करना चाहिए।
पीठ ने कहा, ‘‘उपरोक्त मानकों को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ वकील और भारत के पूर्व अतिरिक्त सालिसीटर जनरल मनिंदर सिंह और वकील राजेश बत्रा को आर एस चीमा के स्थान पर विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है।’’
इसने कहा, ‘‘नवनियुक्त अभियोजकों के पदभार ग्रहण करने के बाद आर एस चीमा को छुट्टी दी जा सकती है। यह अदालत आर एस चीमा की सेवाओं की प्रशंसा करती है।’’
न्यायालय ने यह निर्देश प्रवर्तन निदेशालय के आवेदन पर दिया जिसने कोयला ब्लॉक आवंटन के मामलों से जुड़े धनशोधन निवारण कानून, 2002 के तहत मामलों के अभियोजन के लिए नए एसपीपी की नियुक्ति का निर्देश देने का आग्रह किया था।
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