विदेश की खबरें | चीन ने एक वृत्तचित्र जारी कर ताइवान पर हमला करने की सैन्य तैयारी दिखाई
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

देश की सेना ‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी’ (पीएलए) के गठन के 96 वर्ष पूरे होने पर पिछले सप्ताह सरकारी प्रसारक सीसीटीवी ने आठ भागों वाला ‘चेज़िंग ड्रीम्स’ वृत्तचित्र प्रसारित किया था। इसमें सैन्य अभ्यास तथा सैनिकों के बयान हैं। अधिकतर सैनिक ताइवान पर हमले की सूरत में देश के लिए प्राण त्यागने की बात कहते नजर आए।

चीन, ताइवान को अपना क्षेत्र बताता है और उसका कहना है कि ताइवान को मिलाने के लिए अगर बलप्रयोग की आवश्यकता हुई तो वह इससे गुरेज़ नहीं करेगा।

सरकारी मीडिया और पीएलए सैन्य आधुनिकीकरण तथा सैन्य अभ्यासों से जुड़े वीडियो अक्सर प्रसारित करते हैं। इस तरह के प्रचार प्रसार के वीडियो का मकसद लोगों में चीनी राष्ट्रवाद की भावना प्रबल करना तथा ताइवान को लेकर, खासतौर पर अमेरिका के साथ उसके संबंधों की पृष्ठभूमि में सेना की तैयारियों के बारे में बताना है।

अमेरिका ताइवान को संप्रभु देश के तौर पर मान्यता नहीं देता लेकिन उसने आक्रमण की स्थिति में ताइवान को उसकी रक्षा के लिए मदद देने की बात कही है।

वृत्तचित्र ‘चेज़िंग ड्रीम्स’ में पीएलए का आधुनिक ‘ज्वाइंट स्वार्ड’ अभ्यास भी दिखाया गया है। यह अभ्यास अप्रैल माह में ताइवान जलडमरूमध्य तथा दक्षिण चीन सागर में किया गया था और इसी वक्त ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन अमेरिका की यात्रा से लौटी थीं।

वृत्तचित्र में पीएलए के विभिन्न डिवीजन के सैनिक ताइवान पर संभावित हमले में जान देने के लिए तैयार होने संबंधी बातें कहते नजर आए।

पीएलए नौसेना के माइनस्वीपर इकाई में कार्यरत जुओ फेंग कहते हैं, ‘‘यदि युद्ध हुआ और युद्ध में नौसेना की बारूदी सुरंगों को सुरक्षित रूप से हटाने में कठिनाई आई तो हम अपने अपने बलों को सुरक्षित मार्ग देने के लिए खुद को कुर्बान कर देंगे।’’

कुछ इसी तरह की बात पीएलए वायुसेना के वांग हई स्क्वाड्रन में पायलट ली पेंग ने भी कही।

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