विदेश की खबरें | चिली ने नए संविधान मसौदे को तैयार करने के लिए मतदान किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. पेंशन, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल में असमानता को लेकर एक साल पहले बड़े पैमाने पर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद विपक्ष ने जनमत संग्रह की अनुमति की मांग की थी, जिस पर देश की रूढ़िवादी सरकार ने सहमति जतायी थी।

पेंशन, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल में असमानता को लेकर एक साल पहले बड़े पैमाने पर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद विपक्ष ने जनमत संग्रह की अनुमति की मांग की थी, जिस पर देश की रूढ़िवादी सरकार ने सहमति जतायी थी।

अगर इसे स्वीकृति मिलती है तो एक विशेष सभा एक नए संविधान का मसौदा तैयार करेगी, जिसे वर्ष 2022 के मध्य तक मतदाताओं को सौंपा जाएगा।

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चिली के वर्तमान संविधान का मसौदा तानाशाह जनरल आगस्तो पिनोशे के नेतृत्व में तैयार किया गया था और उसे मतदाताओं को भेजा गया था। ऐसा उस समय किया गया था, जब राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध लागू थे और देश जबरदस्त नियंत्रण के दायरे में था।

उस समय 1980 में हुए जनमत संग्रह के दौरान 66 फीसदी मत संविधान मसौदे के पक्ष में पडे थे। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि उस दौरान डरा धमका कर और अत्याचारों के बल पर संविधान मसौदे के पक्ष में मतदान कराया गया था।

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तत्कालीन जनमत संग्रह पर ‘‘दी फ्राड’’ शीर्षक से किताब लिखने वाले राजनीतिक विशेषज्ञ क्लोडियो फ्यूंटेस ने कहा, '' मुझे लगता है कि लोग डर के मारे वोट देने गए थे।''

59 वर्षीय फल विक्रेता लुइसा फ्यूंटेस ने कहा, '' नए संविधान के साथ हमें कार्य करने, स्वास्थ्य, पेंशन जैसी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही बेहतर शिक्षा भी उपलब्ध हो सकेगी।''

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