विशाखापत्तनम जासूसी मामले में मुख्य षड्यंत्रकारी गिरफ्तार, अदालत में पेश
एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि मामले के मुख्य षड्यंत्रकारी, मुंबई निवासी मोहम्मद हारून हाजी अब्दुल रहमान लकड़ावाला (49) को एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया है। एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले की जांच एनआईए को दिसंबर, 2019 में सौंपी गयी थी जिसके बाद जांच में लकड़ावाला के मुख्य षड्यंत्रकारी होने का पता चला।
नयी दिल्ली, 15 मई राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को संवेदनशील सूचनाएं सौंपने से जुड़े विशाखापत्तनम जासूसी मामले में शुक्रवार को उसके मुख्य षड्यंत्रकारी को गिरफ्तार किया। इसमें भारतीय नौसेना के 11 कर्मी कथित रूप से संलिप्त हैं।
एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि मामले के मुख्य षड्यंत्रकारी, मुंबई निवासी मोहम्मद हारून हाजी अब्दुल रहमान लकड़ावाला (49) को एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया है। एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले की जांच एनआईए को दिसंबर, 2019 में सौंपी गयी थी जिसके बाद जांच में लकड़ावाला के मुख्य षड्यंत्रकारी होने का पता चला।
भारतीय खुफिया एजेंसी ने पाकिस्तान से जुड़े इस जासूसी रैकेट का 20 दिसंबर, 2019 को पर्दाफाश किया था।
एनआईए ने बताया कि लकड़ावाला को मुंबई की स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड मांगा गया और अब उसे शनिवार को विजयवाड़ा की एक अदालत में पेश किया जाएगा।
लकड़ावाला की गिरफ्तारी के साथ ही विशाखापत्तनम जासूसी मामले में अभी तक कुल 14 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें से 11 भारतीय नौसेना के कर्मी और पाकिस्तान में जन्मी भारतीय नागरिक शाइस्ता कैसर तथा उसकी सहयोगी शामिल हैं।
अधिकारी ने बताया, ‘‘जांच में पता चला है कि लकड़ावाला सीमा पार से व्यापार करने के बहाने कई बार कराची गया और वहां अपने हैंडलर से मिला। इन यात्राओं के दौरान वह दो पाकिस्तानी जासूसों, अकबर ऊर्फ अली और रिजवान के संपर्क में आया जिन्होंने उसे (लकड़ावाला) नौसेना कर्मियों के खातों में समय-समय पर धन जमा करने को कहा। और यह काम अलग-अलग माध्यमों से किया गया।’’
उन्होंने बताया कि लकड़ावाला के मकान की तलाशी में वहां से कई डिजिटल उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। आगे की जांच जारी है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘एनआईए ने विशाखापत्तनम जासूसी मामले के मुख्य षड्यंत्रकारी को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय जासूसी रैकेट से जुड़ा हुआ है जिसमें पाकिस्तान और भारत में अलग-अलग स्थानों के लोग शामिल हैं।’’
पाकिस्तान के जासूसों ने भारत में एजेंट तैयार किए और भारतीय नौसेना के जहाजों, पनडुब्बियों और अन्य रक्षा प्रतिष्ठानों के लोकेशन और आवाजाही से जुड़ी गोपनीय और संवेदनशील सूचनाएं/जानकारी एकत्र करना है।
उन्होंने कहा, ‘‘जांच में यह बात सामने आयी है कि नौसेना के कुछ कर्मी फेसबुक और व्हाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया ऐप के जरिए पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क में आए और क्षणिक मौद्रिक/वित्तीय लाभ के लिए गोपनीय सूचनाएं साझा कीं। नौसैनिकों के खातों में जिन भारतीय सहयोगियों ने धन जमा किया, उन सभी के व्यापारिक हित पाकिस्तान से जुड़े हुए थे।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2020 10:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

