नयी दिल्ली, 18 जुलाई केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने जून में विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्मित दवाओं की जांच की जिनमें से 55 नमूने ‘गुणवत्ता मानकों के अनुरूप’ नहीं पाए गए। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा, राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 130 दवा नमूनों को 'गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं' पाया ।
नियमित विनियामक निगरानी गतिविधि के अनुसार, ‘ गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं’ और नकली दवाओं की सूची मासिक आधार पर केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) पोर्टल पर प्रदर्शित की जा रही है।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, "जून 2025 के महीने में, केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने 55 औषधि नमूनों को मानक गुणवत्ता का न पाए जाने की पुष्टि की है, जबकि राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 130 औषधि नमूनों को मानक से निम्न गुणवत्ता का पाया है।''
दवा के नमूनों की ‘मानक गुणवत्ता के अनुपयुक्त’के रूप में पहचान, किसी एक या अन्य निर्दिष्ट गुणवत्ता मानकों पर दवा के नमूने के विफल होने के आधार पर की जाती है। अधिकारियों ने बताया कि यह विफलता सरकारी प्रयोगशाला द्वारा परीक्षण किए गए बैच के दवा उत्पादों के लिए विशिष्ट है और इससे बाज़ार में उपलब्ध अन्य दवा उत्पादों को लेकर कोई आशंका नहीं होनी चाहिए।
इसके अलावा, जून में बिहार और दिल्ली से एक-एक दवा का नमूना तथा तेलंगाना से दो नमूनों की पहचान नकली दवा के रूप में की गई।
अधिकारी ने बताया कि ये दवाएं किसी अन्य कंपनी के स्वामित्व वाले ब्रांड नाम का उपयोग करके एक अनधिकृत इकाई द्वारा निर्मित की गई थीं, और मामले की जांच चल रही है तथा संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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